जमशेदपुर : युवा कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब जांच में पुलिस नेटवर्क से जुड़े लोगों की कथित संलिप्तता का मामला सामने आया है। सरायकेला-खरसावां पुलिस ने इस मामले में कोलकाता पुलिस के ट्रैफिक सार्जेंट अयन गुप्ता और महिला पुलिस अधिकारी ट्विंकल दास को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि वे कथित तौर पर पैसे लेकर हत्याकांड के मास्टरमाइंड बताए जा रहे सोनारी निवासी अशोक सिंह राघव को उसके विरोधियों से संबंधित गोपनीय पुलिस जानकारी उपलब्ध कराते थे। इसमें कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल टावर लोकेशन और मोबाइल लोकेशन जैसी संवेदनशील जानकारियां शामिल होने की बात सामने आई है।

राघव तक पहुंचती थी मोबाइल लोकेशन की जानकारी…….
जांच एजेंसी के अनुसार, मानगो निवासी गैंगस्टर गणेश सिंह, उसके साथी विजय सिंह मोनू और मृतक निखार सबलोक समेत अन्य लोगों की मोबाइल लोकेशन और दूसरी पुलिस संबंधी जानकारियां कथित तौर पर राघव तक पहुंचाई जाती थीं। इस जानकारी का इस्तेमाल राघव और उसके नेटवर्क द्वारा किस तरह किया जा रहा था, पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है।
मोबाइल जांच में मिले अहम सुराग…….
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अशोक सिंह राघव के मोबाइल फोन को खंगाला। इसी दौरान दोनों कोलकाता पुलिस अधिकारियों से उसके संपर्क के महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई। पुलिस को महिला अधिकारी के साथ व्हाट्सऐप चैट, व्हाट्सऐप कॉल और अन्य डिजिटल बातचीत के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है. इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर दोनों पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर गोपनीय सूचनाएं उपलब्ध कराने का सिलसिला कब से चल रहा था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
राघव और उसके साथियों की मदद का भी आरोप……
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने राघव और उसके साथियों को छिपाने के लिए वाहनों की व्यवस्था कराने में कथित तौर पर मदद की थी। पुलिस अब गिरफ्तार दोनों अधिकारियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने राघव को कितनी और किस-किस तरह की जानकारी उपलब्ध कराई. साथ ही जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि क्या पुलिस विभाग से जुड़ा यह नेटवर्क केवल इन दो अधिकारियों तक सीमित था या इसके तार और भी लोगों तक जुड़े हुए हैं।
24 अगस्त को होटल में हुई थी निखार की हत्या……
गौरतलब है कि 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र के टेंथ माइल स्टोन होटल में जमशेदपुर के युवा कारोबारी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए सोनारी के खूंटाडीह निवासी अशोक सिंह राघव को मामले का मास्टरमाइंड बताए जाने के आधार पर गिरफ्तार किया था. राघव से पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मानगो निवासी सुनील रजक, रितेश सिंह, उत्तर प्रदेश से बुलाए गए कथित शूटर अंकित सिंह समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। हत्या में इस्तेमाल वाहन और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह की भूमिका भी जांच में सामने आई है।
मुख्य शूटर की तलाश जारी…..
हत्याकांड में मुख्य शूटर बताए जा रहे सुल्तानपुर निवासी सागर सिंह उर्फ शिबू की तलाश अब भी जारी है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
अब पुलिस नेटवर्क की गहराई खंगाल रही जांच एजेंसी……
दो कोलकाता पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद निखार सबलोक हत्याकांड की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अब जांच केवल हत्या की साजिश और शूटरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि गोपनीय पुलिस जानकारी के कथित लेन-देन और राघव के नेटवर्क के पुलिस विभाग तक संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस यह जानने में जुटी है कि राघव को किस-किस व्यक्ति से पुलिस संबंधी जानकारी मिलती थी, उसे कितने समय से ऐसी सूचनाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं और इन जानकारियों का इस्तेमाल किन लोगों पर नजर रखने या उनकी गतिविधियों की जानकारी हासिल करने के लिए किया जाता था. इस नए खुलासे ने निखार सबलोक हत्याकांड को और पेचीदा बना दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि गिरफ्तार दोनों पुलिस अधिकारियों से पूछताछ के बाद जांच की कड़ी कहां तक पहुंचती है और राघव के कथित नेटवर्क से जुड़े कितने और चेहरे बेनकाब होते हैं।
