जमशेदपुर : इंडियन केबल कंपनी (इन्कैब) के भविष्य को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को तय कर दी है। अब सबकी नजरें इसी तारीख पर टिक गई हैं, जहां कंपनी की किस्मत का फैसला हो सकता है।

👉 क्या है पूरा मामला?…..
दिल्ली स्थित NCLAT की प्रिंसिपल बेंच में इन्कैब इंडस्ट्रीज से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई। सोमवार को हुई संक्षिप्त बहस के बाद चेयरपर्सन जस्टिस अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की खंडपीठ ने मामले को 1 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
वेदांता के प्लान पर विवाद…..
बताया जा रहा है कि वेदांता लिमिटेड के 545 करोड़ रुपये के रिजोल्यूशन प्लान को पहले मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इस पर विवाद गहराता जा रहा है।
कर्मचारियों और यूनियन ने इस प्लान का विरोध किया है।
आरोप है कि तीन कंपनियों को भी लेनदार के रूप में पैसा दिया जा रहा है।।इसी को लेकर याचिका दाखिल की गई है।
👉 कोर्ट में कौन-कौन रहा मौजूद?……
सुनवाई के दौरान वेदांता (SRA) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक आनंद, करण कोहली और पलक कालरा ने पक्ष रखा। वहीं विरोधी पक्ष से जयदीप चंद्रा, ऐश्वर्या सिन्हा, भीम सेन जैन, रोहित सिंह और दिनकर सिंह मौजूद रहे।
👉 यूनियन की उम्मीद जगी….
इंडियन केबल वर्कर्स यूनियन के महामंत्री राम बिनोद सिंह ने कहा कि अब 1 अप्रैल की तारीख से नई उम्मीद जगी है और कर्मचारियों को न्याय मिलने की आस बढ़ी है।
⚠️ अब सबसे बड़ा सवाल…..
क्या 1 अप्रैल को इन्कैब का भविष्य तय हो जाएगा?
क्या कर्मचारियों की लड़ाई रंग लाएगी या कॉर्पोरेट प्लान भारी पड़ेगा?
फिलहाल पूरा शहर और हजारों परिवार 1 अप्रैल की सुनवाई पर टकटकी लगाए बैठे हैं।

