यूपी। मौसम के बदले मिजाज ने तबाही मचाई है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ हुई मूसलाधार बारिश और तेज आंधी के कारण 24 लोगों की जान चली गई। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से हुए इस बदलाव ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। बरेली में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संभल के गुन्नौर में सर्वाधिक 130 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। आज भी 21 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।



कुदरत के कहर ने गोरखपुर-बस्ती मंडल में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। झमाझम बारिश, बिजली-पेड़ गिरने से यहां 7 लोगों की मौत हो गई। बिजली गिरने से गोरखपुर-गोंडा में तीन-तीन, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर में दो-दो, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, बहराइच बागपत, संभल में एक-एक की जान चली गई। सिद्धार्थनगर में ही एक की पेड़ गिरने से नीचे दबकर जान चली गई। वहीं कुशीनगर में बिजली कड़कने की आवाज सुनकर भागी किशोरी की नाली में गिरकर मौत हो गई। कासगंज में आंधी की वजह से वृद्धा और मासूम भाई-बहनों की मौत हो गई। संभल में आंधी के दौरान छत से गिरकर दृष्टिबाधित महिला और गाजीपुर में आंधी में दीवार गिरने से वृद्ध की मौत हो गई। औरैया में आंधी के चलते दीवार गिरने से दादी और नातिन की दबकर मौत हो गई।
बरेली में मौसम ने 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां बीते 24 घंटों में 54.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने वर्ष 2000 के बाद मई महीने में सर्वाधिक वर्षा का आंकड़ा छू लिया। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि भमोरा में पांच महीने पहले बनी पानी की टंकी ढह गई, जिसकी चपेट में आकर पांच लोग घायल हो गए।
