जमशेदपुर : झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन राजेश कुमार शुक्ल ने राज्य के अधिवक्ताओं के कल्याण, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा को लेकर सरकार से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए पेंशन, नए अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन राशि और अधिवक्ताओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग रखी. राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अधिवक्ताओं को न्यूनतम 15 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जानी चाहिए। इससे लंबे समय तक न्यायिक व्यवस्था में योगदान देने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।

नए अधिवक्ताओं को पांच साल तक मिले प्रोत्साहन…..
उन्होंने नए अधिवक्ताओं के लिए भी आर्थिक सहायता की मांग की। उनके अनुसार, पेशे की शुरुआत करने वाले अधिवक्ताओं को शुरुआती पांच वर्षों तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जानी चाहिए। इससे युवा अधिवक्ताओं को शुरुआती संघर्ष के दौर में आर्थिक संबल मिलेगा और वे स्वतंत्र रूप से अपने पेशे को आगे बढ़ा सकेंगे।
आयुष्मान से जोड़ने और 15 लाख के स्वास्थ्य कवर की मांग……
अधिवक्ताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में उन्होंने आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग की। उन्होंने अधिवक्ताओं के लिए 15 लाख रुपये तक की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई, ताकि गंभीर बीमारी या इलाज की स्थिति में अधिवक्ताओं और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो।
अधिवक्ता कल्याण के लिए 2 हजार करोड़ का बजटीय प्रावधान……
राजेश कुमार शुक्ल ने राज्य सरकार से अधिवक्ता कल्याण के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का विशेष बजटीय प्रावधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनके कल्याण, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए ठोस नीतिगत पहल जरूरी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार अधिवक्ताओं की इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और उनके कल्याण के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।
