सरायकेला-खरसावां : जिले के कपाली ओपी में पूछताछ के दौरान एक आदिवासी युवती के साथ कथित मारपीट और अवैध हिरासत का मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।



मामला चांडिल अनुमंडल के कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी का है। पीड़िता के भाई द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के अनुसार, 15 जून 2026 को कपाली ओपी पुलिस उसकी बहन अल्पना माहली को पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर गई थी। आरोप है कि पूछताछ के दौरान युवती को कई घंटों तक एक कमरे में बंद रखा गया तथा उसके साथ मारपीट की गई. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि थाना प्रभारी धिरंजन कुमार समेत पुलिसकर्मी मोहम्मद मुकलेसुर रहमान और कंचन झा ने युवती को प्रताड़ित किया। परिजनों का दावा है कि मारपीट के कारण पीड़िता के शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
MGM अस्पताल में चल रहा उपचार…..
घटना के बाद घायल अल्पना माहली को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, डिमना में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। परिजनों ने आवेदन के साथ चिकित्सकीय दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।
एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग…..
पीड़िता के भाई ने मामले को आदिवासी महिला के अधिकारों और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़िता को सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों के तहत मुआवजा देने की भी मांग की गई है. आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग तथा एससी-एसटी आयोग को भी भेजी गई है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल…..
इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने के दौरान दिनकर कच्छप, सत्य नारायण मुर्मू, राकेश रंजन महतो, नारायण महतो, शंकर महली, इंद्र महली, आकाश महतो (फोदलोगोड़ा), बाबू लोहार, राहुल महली (पीड़िता के भाई) एवं अंबिका महली (पीड़िता की बहन) सहित कई लोग मौजूद थे।



