नई दिल्ली : बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द कर दी है। सर्वोच्च अदालत ने सोनम को तीन सप्ताह के भीतर संबंधित पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है।

क्या है पूरा मामला ?…..
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी व्यवसायी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई, 2025 को मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में दोनों रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। इसके बाद 2 जून, 2025 को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ, जिससे पूरे देश में सनसनी फैल गई।
पुलिस का आरोप……
मामले की जांच कर रही मेघालय पुलिस का आरोप है कि सोनम रघुवंशी ने किराये के हत्यारों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में कई अहम साक्ष्य जुटाने का दावा किया है और आरोपियों के खिलाफ हत्या व आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
जमानत पर क्या हुआ ?…..
मेघालय की ट्रायल कोर्ट ने 27 अप्रैल, 2026 को सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। इसके बाद मेघालय सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी, लेकिन 29 जून, 2026 को मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई के बाद सर्वोच्च अदालत ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करते हुए उसे तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को मामले की सुनवाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अब आत्मसमर्पण के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी।
