नई दिल्ली : भारत ने एक बार फिर दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है, लेकिन इस बार कारण थोड़ा अलग है। हाल ही में जारी एक वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब दुनिया का नंबर 1 व्हिस्की पीने वाला देश बन गया है। व्हिस्की की खपत के मामले में भारत ने अमेरिका, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे करीब 20 विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है।



भारत में व्हिस्की की बढ़ती लोकप्रियता….
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में हर साल लाखों लीटर व्हिस्की की खपत होती है। देश के विभिन्न राज्यों में यह सबसे पसंदीदा अल्कोहलिक ड्रिंक बन चुकी है। खास बात यह है कि भारतीय व्हिस्की ब्रांड्स जैसे ऑफिसर्स चॉइस, इम्पीरियल ब्लू, रॉयल स्टैग और मैकडॉवेल्स की बिक्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से बढ़ रही है। भारत में मध्यवर्गीय आबादी के बढ़ते खर्च करने की क्षमता और शहरीकरण ने इस रुझान को और तेज किया है।
आंकड़ों के अनुसार……
अंतरराष्ट्रीय स्पिरिट्स एनालिसिस संस्था “IWSR” की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में साल 2024 में लगभग 30 करोड़ से अधिक केस (bottles cases) व्हिस्की की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12% की वृद्धि दर्शाती है। वहीं, दूसरे स्थान पर अमेरिका और तीसरे पर फ्रांस रहा।
स्थानीय ब्रांड्स का दबदबा……
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में व्हिस्की की सफलता की बड़ी वजह लोकल ब्रांड्स की सुलभता और विविधता है। भारतीय उपभोक्ताओं को देसी फ्लेवर और किफायती दामों में मिलने वाली व्हिस्की अधिक पसंद आती है। यही कारण है कि घरेलू कंपनियां भी अब प्रीमियम सेगमेंट में उतर रही हैं।
