नई दिल्ली : ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की जद में आ चुका है। सोमवार को भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है और युद्ध के और भयावह होने का खतरा बना हुआ है। एक तरफ ईरान ने इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने B-2 बॉम्बर्स उतार दिए हैं।
अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद तेहरान की ओर से जोरदार अंदाज में जवाबी कार्रवाई की जा रही है। कल दुबई पर हमला करने के बाद ईरान ने आज कुवैत को अपना निशाना बनाया और उस पर ताबड़तोड़ हमले कर अमेरिका को कड़ी चुनौती दी. कुवैत की रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस घटना के बाद कई अमेरिकी लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। हालांकि कुल संख्या और घटनाओं के विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं। वीडियो फुटेज में विमान आग में लिपटा दिख रहा है और तेजी से नीचे गिरता हुआ दिखाई देता है।
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी का बयान; ईरान के खिलाफ रक्षात्मक कार्रवाई को तैयार……
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के बीच कहा है कि वे ईरान के खिलाफ ‘आवश्यक और आनुपातिक रक्षात्मक कार्रवाई’ के लिए तैयार हैं। तीनों देशों की ओर से रविवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया, “हम क्षेत्र में अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे, जिसमें आवश्यक और आनुपातिक रक्षात्मक कार्रवाई सक्षम करना शामिल हो सकता है, ताकि ईरान की मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता को उनके स्रोत पर नष्ट किया जा सके।” बयान में कहा गया कि इस मुद्दे पर तीनों देश अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे।
