JAMSHEDPUR : शहर के बहुचर्चित बिल्डर एवं व्यवसायी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। चांडिल थाना क्षेत्र के एनएच-33 स्थित 10th माइल स्टोर में 24 अगस्त को हुई हत्या के बाद पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। घटनास्थल को सील करने के बाद गुरुवार को फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच की। टीम ने घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ पूरे परिसर की वीडियोग्राफी भी कराई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक करीब 30 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। वहीं, हत्याकांड में संदिग्ध भूमिका को लेकर अशोक सिंह राघव को गिरफ्तार कर उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें कथित मास्टरमाइंड समेत अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

अशोक सिंह राघव गिरफ्तार…..
जांच के दौरान पुलिस ने अखिलेश सिंह गिरोह से जुड़े बताए जा रहे अशोक सिंह राघव को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशोक राघव को गैंगस्टर अखिलेश सिंह के गुरु रहे स्वर्गीय विक्रम शर्मा का करीबी बताया जाता है. बताया जा रहा है कि पुलिस ने अशोक राघव को बहरागोड़ा क्षेत्र से उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह कोलकाता जाने की तैयारी में था। उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई. गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि निखार सबलोक की हत्या की साजिश में अशोक राघव की क्या भूमिका थी और घटना से पहले उसने किन-किन लोगों से संपर्क किया था।
रेकी से वारदात तक की पूरी कड़ी खंगाल रही पुलिस…..
पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के प्रयास में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि वारदात से पहले निखार सबलोक की किस तरह रेकी की गई, आरोपियों को उनकी गतिविधियों की जानकारी कैसे मिली और हत्या के बाद आरोपियों ने किस रास्ते से भागने की योजना बनाई थी. पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। इन साक्ष्यों के जरिए आरोपियों के आपसी संपर्क, उनकी गतिविधियों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कोल्हान डीआईजी कर रहे मामले की मॉनिटरिंग…..
निखार सबलोक हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए कोल्हान डीआईजी पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच में जुटी हैं और संभावित आरोपियों के ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है. इधर, फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की पहचान करने, कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने और हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा करने पर है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से हत्याकांड की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।
