जमशेदपुर : शहर के कारणडीह क्षेत्र से जुड़े एक भूमि विवाद मामले में शिक्षक नागेंद्र पांडेय और उनके परिवार ने न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई। परिवार का आरोप है कि जिस जमीन पर वे पिछले 22 वर्षों से निवास कर रहे हैं और जहां एक विद्यालय का संचालन भी किया जा रहा है, उससे उन्हें बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है।

परिवार के अनुसार, वर्ष 2003 के आसपास खरीदी गई उक्त जमीन का पूरा भुगतान नागेंद्र पांडेय द्वारा किया गया था, लेकिन पारिवारिक सहमति के तहत जमीन का निबंधन उनके छोटे भाई गणेश पांडेय के नाम कराया गया था। उस समय गणेश पांडेय सरकारी सेवा में कार्यरत थे और भविष्य में निर्माण कार्य के लिए ऋण लेने की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया था. नागेंद्र पांडेय का आरोप है कि वर्ष 2022 में उनके छोटे भाई ने परिवार के अन्य सदस्यों की जानकारी और सहमति के बिना जमीन की बिक्री कर दी। इसके बाद से जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी प्रक्रिया चल रही है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
परिवार ने आरोप लगाया है कि जमीन खरीदने वाले पक्ष की ओर से पिछले तीन वर्षों के दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है. इस संबंध में परिवार ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई।
इस दौरान मौजूद युवजन समाजवादी के प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता शुभम सिन्हा ने परिवार को न्याय दिलाने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिक्षक और सामान्य नागरिक के साथ अन्याय हो रहा है तो प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा. फिलहाल, भूमि विवाद का मामला न्यायालय में लंबित है और अंतिम निर्णय अदालत के आदेश के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

