रांची/कोडरमा : राज्य में कॉल गर्ल उपलब्ध कराने के नाम पर चल रहे संगठित ऑनलाइन ठगी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। यह गिरोह व्हाट्सएप के जरिए युवाओं को निशाना बनाता था। खूबसूरत युवतियों की तस्वीरें भेजकर उन्हें झांसे में लिया जाता और फिर ‘बुकिंग’ के नाम पर क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे ठग लिए जाते थे. कोडरमा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।


गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई…..
कोडरमा पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि बेकोबार निवासी अनिल पंडित मोबाइल नंबर के जरिए कॉल गर्ल उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी विकास पासवान के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. तकनीकी शाखा की मदद से पुलिस ने बेकोबार स्थित आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की, जहां से दो आरोपियों को धर दबोचा गया।
भागने की कोशिश नाकाम, दो गिरफ्तार…..
पुलिस के पहुंचने की भनक मिलते ही आरोपी फरार होने की कोशिश करने लगे, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल पंडित और मंटू कुमार पंडित (निवासी कांको, जयनगर) शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे विभिन्न वेबसाइटों पर फर्जी आईडी बनाकर अपना मोबाइल नंबर डालते थे। संपर्क करने वाले लोगों को युवतियों की तस्वीरें भेजकर फंसाया जाता और फिर बुकिंग के नाम पर क्यूआर कोड के जरिए पैसे मंगवाए जाते थे।
कई शहरों में फैला नेटवर्क……
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह केवल कोडरमा ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों में भी सक्रिय था। इससे पहले हजारीबाग में भी इस तरह के मामलों का खुलासा हो चुका है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें कॉल गर्ल सर्विस से जुड़े चैट, युवतियों की तस्वीरें और ठगी में इस्तेमाल किए गए क्यूआर कोड मिले हैं।
सात अन्य की पहचान, छापेमारी जारी…..
मामले की गहराई से जांच में बेकोबार गांव के सात अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. कोडरमा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील…..
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के ऑनलाइन प्रलोभनों और अनजान वेबसाइटों से सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
