जमशेदपुर : शहर के एमजीएम अस्पताल में भर्ती एक नवजात शिशु की मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद मामला शांत कराया गया।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, परसुडीह निवासी सोनू सिंह की पत्नी ने 1 जून को एमजीएम अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के समय नवजात का वजन करीब डेढ़ किलोग्राम होने के कारण उसे बेहतर चिकित्सकीय निगरानी के लिए नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती कराया गया था।
मृतक नवजात के परिजनों का आरोप है कि बच्चे के लिए मां का दूध अस्पताल में भेजा गया था, लेकिन उसे समय पर नहीं दिया गया। उनका कहना है कि चिकित्सकीय लापरवाही और उचित देखभाल के अभाव में बच्चे की मौत हुई है। परिजनों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, अस्पताल प्रशासन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि नवजात गंभीर संक्रमण से पीड़ित था और चिकित्सकों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही थी। प्रशासन के अनुसार बच्चे की मौत संक्रमण के कारण हुई है, न कि किसी प्रकार की लापरवाही से।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और परिजनों के बीच काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही। फिलहाल मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन अपनी सफाई दे रहा है, जबकि परिजन न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। मामले ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं और नवजात देखभाल व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।



