बीसीसीएल कर्मी तुलेश्वर नोनीयां हत्याकांड में पुत्र समेत तीन गिरफ्तार, पुलिस का दावा–10 लाख रुपये की सुपारी देकर रची गई थी हत्या की साजिश, वैज्ञानिक जांच से खुली परत-दर-परत कहानी
धनबाद : धनबाद के कोयलांचल में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले तुलेश्वर नोनीयां हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, बीसीसीएल कर्मी तुलेश्वर नोनीयां की हत्या के पीछे कोई सामान्य रंजिश या दुर्घटना नहीं, बल्कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने की कथित साजिश थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक के पुत्र विजय नोनीयां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पिता की मृत्यु के बाद बीसीसीएल में अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने की मंशा से विजय नोनीयां ने दो अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 10 लाख रुपये की सुपारी में हत्या की योजना बनाई। वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई पड़ताल के आधार पर पुलिस ने घटना का खुलासा करने का दावा किया है।

झाड़ियों में मिला था बीसीसीएल कर्मी का शव
गत 20 जून की सुबह चिटाही–बरोरा पीसीसी सड़क के किनारे झाड़ियों में एक अधेड़ व्यक्ति का रक्तरंजित शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान बीसीसीएल कर्मी तुलेश्वर नोनीयां के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर जैसा प्रतीत हो रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए हर संभावित पहलू पर जांच शुरू की।
तकनीकी जांच से सुलझी हत्या की गुत्थी
एसआईटी ने मोबाइल टावर डंप डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए इनपुट का गहन विश्लेषण किया। पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी विश्लेषण के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों ने जांच को नई दिशा दी। संदेह की सुई धीरे-धीरे मृतक के पुत्र विजय नोनीयां की ओर गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को मिले तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जुड़ती चली गईं, जिसके बाद कथित साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस का दावा, बेटे ने रची थी हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार विजय नोनीयां ने पूछताछ में बताया कि पिता के जीवित रहते उसे बीसीसीएल में अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिलना संभव नहीं था। वह लंबे समय से किसी भी तरह पिता की जगह नौकरी हासिल करना चाहता था। इसी उद्देश्य से उसने कथित तौर पर अखिलेश मल्लाह और अमित कुमार सिंह से संपर्क किया तथा 10 लाख रुपये में हत्या का सौदा तय किया। पुलिस का आरोप है कि योजना के तहत 19 जून की रात सुनसान स्थान पर तुलेश्वर नोनीयां पर भारी पत्थरों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश में शव को सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया, ताकि किसी को हत्या की आशंका न हो।
हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद
बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त भारी पत्थर, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, रक्तरंजित कपड़े, मृतक का गमछा तथा साजिश में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि ये सभी साक्ष्य मामले की जांच को मजबूत आधार प्रदान करते हैं और न्यायालय में अभियोजन पक्ष के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। बरामद सामान को विधिवत जब्त कर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए तीनों आरोपी
पुलिस ने विजय नोनीयां, अखिलेश मल्लाह और अमित कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है तथा उपलब्ध सभी साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

