जमशेदपुर : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रचनात्मकता को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए रोटरैक्ट क्लब ऑफ नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (RACNSU) की ओर से नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल (NSPS) में राखी मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूल के 250 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और आकर्षक हस्तनिर्मित राखियां तैयार कर अपनी कला एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

आयोजन की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई राखियों की बिक्री से प्राप्त पूरी राशि का उपयोग स्लम क्षेत्रों की बेटियों के लिए कन्या पूजन के आयोजन में किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता को सामाजिक सेवा से जोड़ने का संदेश दिया गया. कार्यक्रम में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के कुलसचिव नागेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार राखियों का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता एवं सामाजिक संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
नागेंद्र सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई राखियां केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि करुणा और सामाजिक दायित्व की भावना का प्रतीक हैं। बच्चों के छोटे से रचनात्मक प्रयास को स्लम क्षेत्र की बेटियों के कल्याण से जोड़ना सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता और समाजसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे धागों, मोतियों, सजावटी सामग्री और अन्य रचनात्मक वस्तुओं का इस्तेमाल कर विभिन्न प्रकार की आकर्षक राखियां बनाईं। बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। इस दौरान त्योहार की खुशियों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी देखने को मिला।
रोटरैक्ट क्लब ऑफ नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी की यह पहल रोटरैक्ट के मूल मंत्र ‘Fellowship Through Service’ (सेवा के माध्यम से बंधुत्व) को सार्थक करती है। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मक मंच उपलब्ध कराने के साथ उनकी प्रतिभा को समाजसेवा और सामुदायिक कल्याण से जोड़ना रहा. कार्यक्रम को सफल बनाने में रोटरैक्ट क्लब के सदस्यों, फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स, एनएसपीएस के प्राचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन समिति ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार जताया। समिति ने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया है कि छोटी-छोटी रचनात्मक पहलें जब सामाजिक उद्देश्य से जुड़ती हैं तो उनका प्रभाव व्यापक हो सकता है।
