सरायकेला : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), सरायकेला के निर्देशानुसार गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल संरक्षण अधिकारी संतोष ठाकुर ने की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संतोष ठाकुर ने मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों और सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं एवं बच्चों से नशे से दूर रहने की अपील की।

मुख्य अतिथि सैयद अयाज़ हैदर ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने चिंता जताई कि अब ऑनलाइन माध्यमों से भी मादक पदार्थों की बिक्री की जा रही है और मासूम बच्चों को इसका शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज को इस खतरे से बचाने के लिए सभी को जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है. इस अवसर पर एलएडीसी विजय कुमार महतो ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) की भूमिका और आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी।
ट्रेनर पीयूष सेनगुप्ता ने मादक द्रव्यों के सेवन एवं उसकी अवैध तस्करी की रोकथाम के लिए जनजागरूकता को सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए सभी से सतर्क रहने का आह्वान किया. कार्यक्रम के अंत में बालिका गृह के संरक्षक प्रमोद कुमार वर्मा ने उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्त जीवन जीने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई. कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन की परियोजना समन्वयक कविता मिश्रा, समीर महतो, विश्वजीत सिंह मोदक, गीता सिंह, बालिका गृह की संचालिका ज्योति कुमारी, गृह अधीक्षक शालिनी कुमारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी, बालिका गृह के कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बालिकाएं उपस्थित थीं।

