जमशेदपुर : सरायकेला जिले में 15 साल पहले भटकते हुए मिले एक मूकबधिर बच्चे को अब नई जिंदगी का सहारा मिला है। बाल कल्याण समिति सरायकेला के प्रयास से युवक साई मंडल का पुनर्वास रेड क्रॉस स्थित तृप्ति होटल में किया गया, जहां उसे ट्रेनिंग के साथ काम भी दिया जाएगा।



जानकारी के अनुसार, लगभग 15 वर्ष पहले सरायकेला में एक बच्चा भटकती हुई हालत में मिला था। उस समय उसकी उम्र करीब 5 साल थी। चाइल्ड हेल्प लाइन सरायकेला ने उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया था। इसके बाद समिति के निर्देश पर बच्चे को बाल गृह घाघीडीह, पूर्वी सिंहभूम में रखा गया. इस दौरान बाल कल्याण समिति ने बच्चे के परिजनों की काफी खोजबीन की, लेकिन उसके परिवार का कोई पता नहीं चल सका। समय के साथ बाल गृह में रहते हुए बच्चे की उम्र करीब 19 साल हो गई।
ऐसे में बाल कल्याण समिति सरायकेला के सदस्य सैयद आयाज हैदर और जिला बाल संरक्षण इकाई जमशेदपुर के पी.ओ.आई.सी. रवि शास्त्री के प्रयास से रेड क्रॉस स्थित तृप्ति होटल के मालिक युवक साई मंडल को अपने होटल में ट्रेनिंग और काम देने के लिए तैयार हो गए। बुधवार को साई मंडल को बाल गृह से तृप्ति होटल लाकर संस्थान के मालिक को सौंपा गया। इस मौके पर सैयद आयाज हैदर, रवि शास्त्री, समीर महतो, विश्वजीत सिंह तथा इंटरनेशनल ह्यूमन राइट के डॉ. जयराम दास मौजूद थे।
समिति के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि साई मंडल को यहां काम सीखने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा, जिससे वह समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा।
