सैकड़ों विद्यार्थियों, शिक्षकों और चिकित्साकर्मियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प
जमशेदपुर : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पोखारी एवं आदित्यपुर स्थित प्रतिष्ठित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी तथा नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज एवं नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल की विभिन्न शाखाओं के विद्यार्थियों, शिक्षकों, चिकित्सकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संदेश दिया।





इस अवसर पर नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल की पोखारी, हल्दीपोखर, बिरसानगर, आदित्यपुर, परसुडीह, बारीडीह एवं राखामाइंस शाखाओं के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नन्हे विद्यार्थियों ने प्राणायाम एवं विभिन्न योगासनों का अभ्यास कर उपस्थित लोगों को प्रभावित किया तथा बचपन से ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
सुबह के शांत एवं सकारात्मक वातावरण में आयोजित योग सत्र में प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कपालभाति, अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योग एवं ध्यान विधियों का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, संकाय सदस्यों, नर्सिंग स्टाफ, एमबीबीएस विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर संस्थान के कुलाधिपति एवं सचिव मदन मोहन सिंह ने सभी प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का संपूर्ण विज्ञान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में विद्यार्थी, शिक्षक, चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ निरंतर मानसिक दबाव और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में योग तनावमुक्त, स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एवं मेडिकल कॉलेज विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण के लिए भी प्रतिबद्ध है। योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान और भारतीय योग परंपरा दोनों का अंतिम उद्देश्य मानव कल्याण ही है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास के प्रति संस्थान की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। योग और ध्यान विद्यार्थियों में एकाग्रता, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन विकसित करने के प्रभावी साधन हैं. उन्होंने कहा कि सामूहिक योगाभ्यास से परिसर में सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और स्वस्थ वातावरण का संचार होता है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के समापन पर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा योग, तनाव प्रबंधन, संतुलित आहार एवं वैज्ञानिक जीवनशैली पर एक संक्षिप्त परिचर्चा भी आयोजित की गई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में दोनों संस्थानों की आयोजन समितियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय भूमिका निभाई. अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास करने तथा समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
