जमशेदपुर : मानगो ट्रैफिक थाना क्षेत्र में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान चालक के साथ कथित गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस घटना की मानवाधिकार संगठन ने कड़ी निंदा की है। मानवाधिकार मिशन के राष्ट्रीय निदेशक एवं एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ने घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि चालक के साथ अमानवीय व्यवहार या दुर्व्यवहार हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।



उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन किसी भी नागरिक के साथ कथित अभद्रता, गाली-गलौज या मारपीट स्वीकार्य नहीं हो सकती। ट्रैफिक जांच के दौरान भी मानवाधिकारों और सम्मानजनक व्यवहार का पालन होना जरूरी है। उन्होंने संबंधित प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की मांग की।
मानवाधिकार मिशन की ओर से कहा गया कि वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों की सत्यता की जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ। साथ ही संगठन ने यह भी कहा कि पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी कार्रवाई आवश्यक है।
हालांकि, अब तक ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, चालक ने आरोप लगाया है कि नो-इंट्री उल्लंघन के मामले में चालान काटे जाने के दौरान उसके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और मारपीट की गई। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है और लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।



