जमशेदपुर : नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के नर्सिंग विभाग द्वारा विश्व हृदय दिवस 2026 के अवसर पर “डोन्ट मीस ए बीट” थीम के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम लोगों को हृदय स्वास्थ्य, हृदय रोगों से बचाव, स्वस्थ जीवनशैली तथा हृदय संबंधी आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर कार्रवाई के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, आदित्यपुर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ए. ए. खान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने नर्सिंग के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए हृदय रोगों से बचाव के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हृदय रोगों के जोखिम को कम करने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सकीय सलाह बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण नर्सिंग विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सीपीआर स्किट रहा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने कार्डियक इमरजेंसी की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया, सीपीआर के महत्व और समय पर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने का संदेश दिया. विश्व हृदय दिवस के अवसर पर पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने रचनात्मक पोस्टरों के माध्यम से हृदय स्वास्थ्य, हृदय रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित संदेश प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन पोस्टरों को पुरस्कृत किया गया।
इसके अलावा विद्यार्थियों ने “ हाऊ टू कीप योर हार्ट हेल्दी ” विषय पर पावरपॉइंट आधारित इंटरैक्टिव गेम्स एवं गतिविधियों का आयोजन किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को स्वस्थ हृदय के लिए आवश्यक आदतों की जानकारी रोचक एवं सहभागी तरीके से दी गई।कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के सामाजिक सरोकार से भी जोड़ा गया। नर्सिंग विद्यार्थियों ने एनएसएमसीएच के ओपीडी में आने वाले मरीजों को हृदय स्वास्थ्य से संबंधित बुनियादी जानकारी प्रदान की। इस दौरान स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, हृदय रोग के जोखिम को कम करने तथा नियमित स्वास्थ्य निगरानी के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों के लिए बेसिक हेल्थ स्क्रीनिंग भी की गई, जिसमें ब्लड प्रेशर, पल्स रेट, SpO₂ और रैंडम ब्लड शुगर (RBS) की जांच शामिल रही। इस पहल के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया. कार्यक्रम का मार्गदर्शन एवं संचालन नर्सिंग विभाग के सहायक प्रध्यापकों गौतम और ऋतू श्री द्वारा किया गया। आयोजन में नर्सिंग विभाग के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि, रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोजिब अशरफ, अकादमिक सलाहकार प्रो. दिलीप शोम, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. राकेश कुमार तथा डीन एकेडमिक अभिनव कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षक उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने कहा स्वास्थ्य मानव जीवन का मूल आधार है और वर्त्तमान परिदृश्य में हमें स्वास्थ्य के व्यापक महत्व को और भी बेहतर ढंग से समझने की आवश्यकता है। हृदय शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों में से एक है इसलिए इसके प्रति पूर्ण रूप से सचेत रहने की आवश्यकता है।
विश्व हृदय दिवस का यह आयोजन जागरूकता, रचनात्मकता, व्यावहारिक कौशल और सामुदायिक सहभागिता का समन्वय रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि हर धड़कन महत्वपूर्ण है और स्वस्थ हृदय की शुरुआत स्वस्थ जीवनशैली एवं सही स्वास्थ्य आदतों से होती है।
