जनता को भगवान भरोसे छोड़ अधिकारी जनप्रतिनिधियों की सेवा-सत्कार में जुटे रहे : अप्पू तिवारी
जमशेदपुर : लुआबासा क्षेत्र की लंबे समय से जर्जर पड़ी पुलिया आखिरकार जनसहयोग और स्थानीय पहल से मरम्मत की गई। पुलिया की खराब स्थिति के कारण लंबे समय से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या को लेकर विभिन्न मीडिया संस्थानों द्वारा लगातार खबरें प्रकाशित कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान भी आकृष्ट कराया गया, लेकिन अपेक्षित पहल नहीं हो सकी।

ऐसे में समाजसेवी बंटी सिंह एवं स्थानीय लोगों ने पहल करते हुए जनसहयोग से पुलिया के मरम्मतीकरण का बीड़ा उठाया। पुलिया की मरम्मत में रेडीमिक्स कंक्रीट का उपयोग किया गया, जिससे इसकी स्थिति में सुधार आया और स्थानीय लोगों को आवागमन में राहत मिली. इस मौके पर अप्पू तिवारी ने कहा कि लुआबासा पुलिया की जर्जर स्थिति को लेकर कई महीनों से मीडिया के माध्यम से लगातार आवाज उठाई जा रही थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की परेशानी दूर करने के बजाय अधिकारी जनप्रतिनिधियों की सेवा-सत्कार में अधिक व्यस्त रहे और आम लोगों को उनकी समस्या के भरोसे छोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा कि जनसरोकार से जुड़े कार्यों के लिए केवल पद और अधिकार ही पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए इच्छाशक्ति, संवेदनशीलता और सेवा भावना जरूरी है। यदि समाज के लोग अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे आएं तो स्थानीय स्तर की कई समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयास से किया जा सकता है. वहीं समाजसेवी बंटी सिंह ने कहा कि जनहित और जनसेवा के संकल्प के साथ वे लगातार कार्य करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी आम व्यक्ति को परेशानी में देखते हैं तो समस्या का समाधान करने की इच्छा और मजबूत होती है। इसी भावना के साथ स्थानीय लोगों के सहयोग से लुआबासा पुलिया के मरम्मतीकरण का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि जनता के साथ मिलकर जनहित के कार्य करना ही उनका उद्देश्य है। लोगों के सहयोग और आशीर्वाद से भविष्य में भी क्षेत्र की जरूरतों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा. लुआबासा पुलिया का मरम्मतीकरण स्थानीय लोगों के लिए राहत की पहल मानी जा रही है। इस कार्य ने यह भी संदेश दिया है कि सामूहिक इच्छाशक्ति, जनसहयोग और सेवा भावना के जरिए स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
