जमशेदपुर : रामनवमी महोत्सव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जमशेदपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से मुलाकात कर आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।
समिति के केंद्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह ने बताया कि इस वर्ष जमशेदपुर में लगभग 190 स्थानों पर रामनवमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा 16 स्थानों पर वसंती दुर्गा पूजा और सोनारी के दोमुहानी घाट तथा साकची के स्वर्णरेखा घाट पर चैत्री छठ महापर्व का आयोजन भी होगा। वहीं 28 मार्च को शहर के 12 विसर्जन घाटों पर रामनवमी अखाड़ों का विसर्जन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 21 मार्च को साकची के स्वर्णरेखा घाट और सोनारी के दोमुहानी घाट पर मारवाड़ी समाज की महिलाएं गणगौर पूजन के समापन पर भगवान ईसर-गौरी की प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगी।
बैठक के दौरान विहिप के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि रामनवमी अखाड़ों के विसर्जन के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए, ताकि आयोजकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं समिति के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी ने श्रमिक एकता बजरंग अखाड़ा पाड़ी के पूजन स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, ताकि वहां सुचारू रूप से पूजा-अर्चना हो सके।
समिति ने प्रशासन से यह भी मांग की कि शहर के विसर्जन घाटों को पहले से बेहतर बनाया जाए, साथ ही छठ महापर्व के दौरान नदी घाटों की साफ-सफाई और जलस्तर बढ़ाने के लिए डैम से पानी छोड़ा जाए।
इसके अलावा शहर के मुख्य मार्गों पर फैले ऑप्टिकल और बिजली के तारों के जाल को हटाने की भी मांग की गई, क्योंकि रामनवमी जुलूस में बड़े-बड़े झंडे लेकर निकलने में इससे काफी परेशानी होती है। साथ ही समिति ने आग्रह किया कि मुख्य सड़कों पर अवैध पार्किंग और निर्माण सामग्री के कारण मार्ग बाधित न हो, ताकि विसर्जन जुलूस आसानी से निकल सके।
बैठक में मुख्य रूप से कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी, महासचिव प्रवीण सेठी, सचिव विजय तिवारी, कोषाध्यक्ष दिलजय बोस और बजरंग दल संयोजक चंदन दास सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
