जमशेदपुर : राजेंद्र विद्यालय ऑडिटोरियम, साकची में रविवार को निमाई पाठशाला झारखंड की ओर से वृंदावनी संकीर्तन मंडली के सहयोग से विशेष निमाई पाठशाला सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। बोधि मैदान से राजेंद्र विद्यालय ऑडिटोरियम तक लोगों की लंबी कतारें नजर आईं. कार्यक्रम की शुरुआत हरिनाम संकीर्तन से हुई। इसके बाद प्रेरणात्मक संवाद, शास्त्र चर्चा और प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रीमती रेणुका पुंडरीक गोस्वामी (गुरु मां) ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताईं।

पशु-पक्षियों के रूप में बच्चों की प्रस्तुति रही आकर्षण……
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बच्चों की प्रस्तुति रही। बच्चे विभिन्न पशु-पक्षियों के रूप में सजकर गुरु मां के साथ नृत्य करते नजर आए। इस प्रस्तुति के माध्यम से चैतन्य चरितामृत में वर्णित श्री चैतन्य महाप्रभु की झारखंड के जंगलों में संकीर्तन लीला की झलक प्रस्तुत की गई. कार्यक्रम के दौरान भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक शिक्षा का संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। समापन उद्घोषपूर्ण नाम संकीर्तन के साथ हुआ।
कार्यक्रम के अंत में निमाई पाठशाला झारखंड के राज्य संयोजक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अंकित रिंगसिया और कुणाल कुमार को सम्मानित किया गया। दोनों ने गुरु मां का अभिनंदन भी किया. आयोजकों के अनुसार, निमाई पाठशाला के प्रमुख आधार स्तोत्र, स्तुति और शास्त्र को केंद्र में रखते हुए आयोजित यह विशेष सत्र बच्चों में भक्ति, आध्यात्मिक शिक्षा और संस्कार के विकास का माध्यम बना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया।
