जमशेदपुर : सुभाष कॉलोनी से मानगो पुल के बीच निर्माणाधीन करीब ₹60 करोड़ की जलापूर्ति पाइपलाइन परियोजना में फायर हाइड्रेंट के प्रावधान को लेकर जन विकास मंच ने सवाल उठाया है। मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने परियोजना में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर संबंधित विभागों से स्पष्ट जानकारी मांगी है। इसी क्रम में मामले को अब मानगो अग्निशमन विभाग तक भी पहुंचाया गया है. जन विकास मंच का कहना है कि सार्वजनिक धन से तैयार की जा रही किसी भी बड़ी अवसंरचना परियोजना में नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को निर्माण की योजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। संगठन ने यह भी जानना चाहा है कि परियोजना की डिजाइन और निर्माण के दौरान अग्निशमन विभाग से आवश्यक परामर्श लिया गया था या नहीं।

मई 2025 से उठाया जा रहा है मुद्दा…….
मंच के अनुसार, फायर हाइड्रेंट की मांग को लेकर मई 2025 में स्थानीय निवासियों के साथ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। इसमें परियोजना क्षेत्र में प्रत्येक पिलर के नीचे फायर हाइड्रेंट लगाने की मांग की गई थी। इसके बाद जुलाई 2025 में संबंधित विभागों को विस्तृत ज्ञापन सौंपने के साथ परियोजना स्थल का संयुक्त निरीक्षण भी किया गया था। संगठन का दावा है कि इसके बावजूद अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट लिखित पुष्टि नहीं मिली है।
तीन विभागों के बाद अग्निशमन विभाग से भी मांगी जानकारी…….
जन विकास मंच ने सितंबर 2026 में मामले को औपचारिक रूप देते हुए मानगो नगर निगम, उपायुक्त कार्यालय और जमशेदपुर अक्षेस को आरटीआई के माध्यम से अलग-अलग आवेदन दिए। इसके अलावा मानगो अग्निशमन विभाग के अधिष्ठान अग्निशाम पदाधिकारी को पत्र सौंपकर मामले पर चर्चा की गई।
इसी क्रम में 17 सितंबर 2026 को मानगो अग्निशमन विभाग में भी आरटीआई आवेदन दाखिल किया गया। इसमें परियोजना से संबंधित अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय कार्रवाई को लेकर कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है।
आरटीआई में पूछे गए प्रमुख सवाल……
– क्या परियोजना की डिजाइन अथवा निर्माण के दौरान अग्निशमन विभाग से परामर्श लिया गया था या कोई एनओसी जारी की गई थी?
– राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) के भाग-4 और झारखंड अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत ऐसी परियोजनाओं में फायर हाइड्रेंट का प्रावधान अनिवार्य है या नहीं?
– क्या अग्निशमन विभाग परियोजना स्थल का निरीक्षण करेगा?
– 15 सितंबर को दिए गए पत्र के आधार पर विभाग ने कोई कार्रवाई की है या नहीं?
– यदि परियोजना में फायर हाइड्रेंट का अभाव पाया जाता है, तो क्या विभाग संबंधित प्राधिकारों को आवश्यक अनुशंसा भेजेगा?
‘सुरक्षा निर्माण के साथ ही सुनिश्चित होनी चाहिए’……
जन विकास मंच अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने कहा कि सार्वजनिक धन से बनने वाली परियोजनाओं में नागरिकों की सुरक्षा को शुरुआत से ही डिजाइन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सवाल किसी विभाग को कठघरे में खड़ा करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि जनता के पैसे से तैयार हो रही सार्वजनिक परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
लिखित जवाब मिलने तक जारी रहेगा प्रयास……
जन विकास मंच ने कहा है कि जब तक मानगो नगर निगम, उपायुक्त कार्यालय, जमशेदपुर अक्षेस और अग्निशमन विभाग से इस संबंध में लिखित जवाब नहीं मिल जाता, तब तक मामले को समाप्त नहीं माना जाएगा। मंच ने इसे गैर-राजनीतिक और जनहित से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि उद्देश्य सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित कराना है।
