जमशेदपुर : हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल्स ने झारखंड में मरीजों को उन्नत और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी उद्देश्य से शनिवार को जमशेदपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें विशेष रूप से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों, उन्नत लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक उपचार तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के मैनेजर-मार्केटिंग सत्यजीत रॉय ने अस्पताल समूह की चिकित्सा सुविधाओं, आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित उपचार व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल्स झारखंड के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और उन्नत सर्जिकल उपचार तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में अनुभवी विशेषज्ञों के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां मरीजों को विभिन्न विशेषज्ञताओं से जुड़ी समग्र चिकित्सा सेवाएं एक ही स्थान पर मिलती हैं। अस्पताल का उद्देश्य झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संपर्क को और मजबूत करना तथा हैदराबाद में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
लगातार रहने वाले पेट संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करें……
कार्यक्रम में यशोदा हॉस्पिटल्स के कंसल्टेंट सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. वाई. श्रीमन्नारायण भी मौजूद रहे। उन्होंने गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और गैस्ट्रिक समस्याओं के समय पर निदान एवं उचित उपचार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि लगातार पेट दर्द, एसिडिटी या रिफ्लक्स, निगलने में परेशानी, बार-बार उल्टी, मल त्याग की आदतों में बदलाव समेत अन्य लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर विशेषज्ञ से जांच कराने से बीमारी के मूल कारण की पहचान करने और उपचार की सही दिशा तय करने में मदद मिलती है. डॉ. श्रीमन्नारायण ने बताया कि मरीज की स्थिति के आधार पर दवाओं से उपचार अथवा सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता हो सकती है। आधुनिक सर्जिकल तकनीकों में हुई प्रगति से उपयुक्त मरीजों में उपचार की सटीकता और रिकवरी के अनुभव में सुधार हुआ है।
रोबोटिक सर्जरी से जटिल प्रक्रियाओं में बेहतर सटीकता……
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा हुई। डॉ. श्रीमन्नारायण ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी जटिल प्रक्रियाओं के दौरान सर्जन को बेहतर विजुअलाइजेशन, सटीकता और नियंत्रण प्रदान कर सकती है. उन्होंने कहा कि उचित रूप से चयनित मरीजों में लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक तकनीकों के जरिए छोटे चीरे, ऑपरेशन के बाद अपेक्षाकृत कम असुविधा, अस्पताल में कम समय तक रहने और सामान्य गतिविधियों में जल्दी लौटने जैसे संभावित लाभ मिल सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि हर मरीज के लिए रोबोटिक या लैप्रोस्कोपिक सर्जरी उपयुक्त नहीं होती। इसका निर्णय मरीज की बीमारी और स्वास्थ्य स्थिति के विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ही किया जाना चाहिए।
झारखंड के मरीजों तक विशेषज्ञ सेवाएं पहुंचाने पर जोर……
सत्यजीत रॉय ने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल्स झारखंड के मरीजों और चिकित्सा समुदाय के साथ अपने स्वास्थ्य सेवा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। अस्पताल की ओर से मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, उपचार के विकल्प, अपॉइंटमेंट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी सहायता के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया. उन्होंने लोगों से अपील की कि लंबे समय से बनी हुई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें। कार्यक्रम में यशोदा हॉस्पिटल्स की ओर से झारखंड के मरीजों को आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।



























































