जमशेदपुर : श्रीनाथ विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय रोबोटिक्स एवं अंतर्निहित प्रणाली (एम्बेडेड सिस्टम) कार्यशाला का समापन समारोह एवं प्रमाणपत्र वितरण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (वस्तुओं का इंटरनेट) से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान एवं तकनीकी कौशल प्रदान करना था।

पाँच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मूलभूत इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्रेडबोर्ड पर परिपथ निर्माण, 555 टाइमर आईसी का उपयोग, आर्डुइनो नैनो प्रोग्रामिंग, सेंसर इंटरफेसिंग, सीरियल संचार, ईएसपी-32 प्रोग्रामिंग, एलसीडी इंटरफेसिंग, अल्ट्रासोनिक सेंसर तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित अनुप्रयोगों का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने डीएचटी-11 तापमान एवं आर्द्रता सेंसर आधारित इंटरनेट ऑफ थिंग्स वेदर स्टेशन, वेब आधारित डिजिटल सूचना पट्ट (डिजिटल नोटिस बोर्ड) सहित कई अंतर्निहित प्रणाली आधारित परियोजनाएँ तैयार कीं। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, रियल-टाइम प्रोग्रामिंग तथा अंतर्निहित प्रणालियों के क्षेत्र में अपने व्यावहारिक कौशल को और अधिक सुदृढ़ किया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए माननीय कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो ने विद्यार्थियों से नवाचार को अपनाने, तकनीकी दक्षता विकसित करने तथा देश की तकनीकी प्रगति में योगदान देने वाले कुशल और उद्योग के लिए तैयार पेशेवर बनने का आह्वान किया।
माननीय कुलपति प्रो. डॉ एस. एन. सिंह ने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा में निरंतर अध्ययन, अनुसंधान तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण का विशेष महत्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ स्वयं को निरंतर अद्यतन रखने की सलाह दी। डीन प्रशासन डॉ. जे. राजेश ने विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान का रचनात्मक उपयोग करते हुए वास्तविक जीवन की इंजीनियरिंग समस्याओं के समाधान विकसित करने तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को कार्यशाला सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यह कार्यशाला श्रीनाथ विश्वविद्यालय की अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, अंतर्निहित प्रणाली और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण रही।

