- अनुज के साथ रहने वाले 15 अपराधी 8 नेता हिट लिस्ट में…
- ओडिशा, बिहार व पश्चिम बंगाल तक छापेमारी जारी
जमशेदपुर : गोविंदपुर स्थित अमलतास सिटी भूमिहार मेंशन में यूपी के मुख्तार अंसारी गिरोह के शूटर अनुज कनौजिया के एनकाउंटर के बाद पुलिस को तकनीकी सेल की मदद से एक डायरी हाथ लगी है। डायरी में अनुज कनौजिया के साथ रहने वाले 15 अपराधियों के साथ ही झामुमो, भाजपा व आजसू से जुड़े 8 नेताओं के बारे में पता चला है। अनुज एक दिन में कइयों से संपर्क कर लगातार उनके मोबाइल पर मैसेज भी करता था। अनुज के एनकाउंटर के बाद इनमें से कुछ नेताओं ने शहर छोड़ दिया है। हालांकि, पुलिस सभी को टारगेट पर लेकर जांच कर रही है। नेताओं तक पहुंचने के लिए यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की टीम कई साक्ष्य जुटाने में लगी है। अनुज के फरार साथियों की तलाश में यूपी एसटीएफ व झारखंड एटीएस की टीम लगातार ओडिशी, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत शहर के कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। दोनों टीमें अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है। टीम को कुछ हद तक सफलता मिली है, लेकिन टीम के पदाधिकारी इसे मीडिया के साथ साझा करने से परहेज कर रहे हैं।
भूमिहार मेंशन, जहां एनकाउंटर के बाद तलाशी में पुलिस को डायरी मिली है..
खुलासे के बाद ही लोगों को जेल भेजने की तैयारी
इधर, अनुज के एनकाउंटर के बाद सरेंडर करने वाले राहुल सिंह राजपूत ने कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। राहुल ने पूछताछ में बताया- अनुज शहर को दहलाने वाला काम करने की फिराक में था। वह कइयों को टारगेट में लेकर तैयारी कर रहा था। अनुज मोबाइल पर इंटरनेट के जरिए ही फोन कर लोगों से संपर्क रखता था। पुलिस की तकनीकी सेल ने अनुज के मोबाइल को खंगाला तो कइयों के नंबर मिले। छानबीन के बाद टीम कई अन्य बिंदुओं पर काम कर रही है। यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की टीम अभी शहर में ही ठहरी हुई है। पुलिस पूरे मामले का खुलासा करने के बाद भी हिरासत में लिए गए लोगों को जेल भेजने की प्लानिंग बना रही है। गिरोह से जुड़े सभी लोगों फिलहाल फरार हैं।
एनकाउंटर टीम पर राहुल ने चलाई थी पहली गोली
29 मार्च की रात करीब 10.30 बजे यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर गोविंदपुर स्थित अमलतास सिटी भूमिहार मेंशन में छिपकर रहने वाले अनुज कनौजिया का एनकाउंटर किया था। पुलिस टीम को देखते हुए अनुज के साथ मौजूद जुगसलाई के राहुल सिंह राजपूत ने सबसे पहले गोली चलाई थी। बाद में उसने सरेंडर कर दिया। एनकाउंटर के बाद घटनास्थल से पुलिस ने दो बम, दो पिस्टल, 28 से अधिक खोखे बरामद किए थे। दोनों तरफ से 40 से 45 राउंड गोलियां चली थीं। इस गोलीबारी में यूपी एसटीएफ के डीएसपी धर्मेश कुमार शाही को हाथ में गोली लगी थी। घायल डीएसपी का टीएमएच में इलाज कराया गया। वहां चार घंटे बाद ही उनको छुट्टी दे दी गई थी।