जमशेदपुर : सोनारी एयरपोर्ट पर आज एक विशेष ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित विमान दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा तंत्र की मजबूती को परखना था। इस अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया गया।



आपातकाल का रहा परिदृश्य
अभ्यास के तहत यह कल्पना की गई थी कि विमान के उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें हरकत में आ गईं। सायरन बजते ही फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और बचाव दल ने चंद मिनटों के भीतर घटनास्थल पर पहुँचकर मोर्चा संभाल लिया।
प्रमुख गतिविधियाँ:
- त्वरित बचाव: बचाव दलों ने कृत्रिम आग पर काबू पाया और ‘घायलों’ को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला।
- प्राथमिक उपचार: घटनास्थल पर ही घायलों को प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) प्रदान कर उन्हें तत्काल अस्पताल भेजने का रिहर्सल किया गया।
- समन्वय: एयरपोर्ट सुरक्षा बलों, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया गया।
सुरक्षा मानकों पर जोर
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, इस ड्रिल का उद्देश्य किसी भी अनहोनी की स्थिति में प्रतिक्रिया समय (Response Time) को न्यूनतम करना और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। यह सुनिश्चित किया गया कि वास्तविक संकट के समय में बिना किसी देरी के यात्रियों की जान बचाई जा सके।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे अभ्यास सुरक्षा कर्मियों की कार्यकुशलता को बनाए रखने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने में सहायक साबित होते हैं।



