जमशेदपुर : जिले में बढ़ते मलेरिया के प्रकोप को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, जुस्को (JUSCO) और अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी शामिल हुए।

संक्रमण पर त्वरित प्रहार का लक्ष्य
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मलेरिया नियंत्रण के लिए प्रतिक्रिया का समय न्यूनतम होना चाहिए। उन्होंने कहा, “जितनी शीघ्र प्रतिक्रिया होगी, संक्रमण पर उतनी ही तेजी से नियंत्रण पाया जा सकेगा।” इसके लिए उन्होंने फील्ड स्तर पर निगरानी और उपचार को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
बैठक के प्रमुख निर्णय और निर्देश:
- जांच का लक्ष्य: जिले में 1 लाख मलेरिया जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत अब तक 22 हजार जांच पूरी हो चुकी हैं। सहियाओं को RDT प्रशिक्षण देकर ग्राम स्तर पर जांच क्षमता बढ़ाई जाएगी।
- निगरानी तंत्र: मलेरिया रोधी दवाओं के सेवन की मॉनिटरिंग के लिए फोटो, व्हाट्सएप और GPS-आधारित रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है। सभी बीडीओ को प्रतिदिन फील्ड स्टाफ से फीडबैक लेने का निर्देश दिया गया है।
- आपातकालीन व्यवस्था: गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस की उपलब्धता 30 मिनट या उससे कम समय में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- विशेष अभियान: आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों और सामूहिक आवासीय परिसरों में विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे।
- फॉगिंग और सफाई: अगले 3-4 दिनों के भीतर सभी नगर निकायों को छोटे-बड़े नालों की विशेष सफाई करने का लक्ष्य दिया गया है ताकि जलजमाव न हो। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार नियमित फॉगिंग कराई जाएगी।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया है ताकि जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
संवाददाता: सोहन साह

