जमशेदपुर : राहरगोड़ा, बारीगोड़ा और गोविंदपुर रेलवे फाटक पर लगने वाले भीषण जाम से परेशान ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। शिलान्यास के तीन साल बीत जाने के बाद भी ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू न होने के विरोध में रविवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने राहरगोड़ा रेलवे फाटक पर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे फाटक पर टायर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह सांकेतिक धरना-प्रदर्शन जुगसलाई विधायक प्रतिनिधि मिथुन चक्रवर्ती और उत्तर पश्चिम गदरा पंचायत की मुखिया सुनीता नाग के नेतृत्व में संपन्न हुआ।



क्या बोले जनप्रतिनिधि?
मिथुन चक्रवर्ती (झामुमो नेता): धरने को संबोधित करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, “इस क्षेत्र में लाखों की आबादी निवास करती है, जो पूरी तरह से शहर से जुड़ने के लिए इसी एकमात्र रास्ते पर निर्भर है। चुनाव से पूर्व ओवरब्रिज का ऑनलाइन शिलान्यास कर जनता को भ्रम में रखा गया। सांसद पर भरोसा कर क्षेत्र की जनता तीन साल तक चुप रही, लेकिन अब रेल प्रशासन की उदासीनता के कारण बर्दाश्त का घड़ा भर चुका है। छोटे-छोटे इलाकों में अंडरपास बन गए, लेकिन इस घनी आबादी वाले क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।”
सुनीता नाग (मुखिया): स्थानीय मुखिया सुनीता नाग ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “फाटक पर जाम और आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। यह किसी पार्टी का मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता की बुनियादी ज़रूरत और हक की लड़ाई है।”
रेल मंत्रालय को दी चेतावनी
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि रेल मंत्रालय ने जल्द ही सकारात्मक पहल करते हुए निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया, तो संघर्ष और उग्र होगा। भविष्य में चक्का जाम और रेलवे स्टेशन घेराव की योजना है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेंगे और आठ-दस पंचायतों के लोग अब आर-पार की लड़ाई के लिए एकजुट हैं।



