जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र से 24 वर्षीय युवक कैरव गांधी के अपहरण मामले में पूर्वी सिंहभूम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने न केवल अपहृत युवक को सकुशल बरामद किया, बल्कि बिहार–झारखंड में सक्रिय अंतरराज्यीय अपहरण गिरोह का भी भंडाफोड़ कर दिया। कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ में तीन कुख्यात अपराधी घायल हुए, जबकि कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।



ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा……
बताया गया कि 13 जनवरी 2026 को कैरव गांधी के अपहरण की सूचना मिलने के बाद बिष्टुपुर थाना में कांड संख्या 05/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर पांच विशेष जांच एवं छापामारी टीमों का गठन किया गया।
इन टीमों ने……
कई राज्यों की पुलिस से समन्वय किया,
दर्जनों CCTV फुटेज का विश्लेषण किया,
तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र का उपयोग कर
अपहरणकर्ताओं की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी।
दबाव बढ़ा तो छोड़कर भागे अपराधी……
पुलिस की लगातार दबिश से घबराए अपराधियों ने अपहृत युवक कैरव गांधी को चौपारण–बरही के बीच जीटी रोड पर छोड़ दिया और फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया।
मुठभेड़ में चली गोलियां……
इसके बाद पुलिस ने अपराधियों की तलाश और तेज कर दी। बिहार पुलिस के सहयोग से गया, पटना और नालंदा में छापेमारी कर 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपहरण में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और हथियार छिपाने की जानकारी दी।
बरामदगी के दौरान मौ. इमरान और रमीज राजा ने पुलिस से सरकारी हथियार छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस ने आत्मरक्षा में न्यूनतम बल का प्रयोग करते हुए 5 राउंड फायरिंग की, जिसमें तीन अपराधियों के पैरों में गोली लगी। घायलों को तत्काल एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर में भर्ती कराया गया।
बरामद सामान……
02 देसी कट्टा, 315 बोर की 04 गोलियां, घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, मोबाइल फोन
गिरफ्तार अपराधी……
गुड्डू सिंह – नालंदा, उपेंद्र सिंह – गया, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन – गया, मो. इमरान आलम उर्फ आमिर – नालंदा, रमीज राजा – नालंदा, मोहन कुमार प्रसाद – पटना
बड़ा ऑपरेशन, बड़ी टीम……
इस पूरे ऑपरेशन में नगर पुलिस अधीक्षक, सीसीआर, एसडीपीओ, बिष्टुपुर थाना प्रभारी समेत 40 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल रहे। पूरी कार्रवाई को बेहद योजनाबद्ध और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया।
पुलिस की बड़ी जीत…….
यह ऑपरेशन न सिर्फ एक अपहृत युवक की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में सफल रहा, बल्कि अपहरण जैसे संगीन अपराध में लिप्त पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने में भी मील का पत्थर साबित हुआ है।
