जमशेदपुर : महंत कालकानन्द गिरी ने लोकतंत्र सवेरा न्यूज से बातचीत के दौरान बताया कि छठ मईया से प्रार्थना करती हूँ कि हर किसी के जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली आए. और समाज में जो बुराइयां बढ़ रही रही उसपर अंकुश लगे।



छठ महापर्व लोक आस्था का एक महान पर्व है जिसमें सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्र में मनाया जाता है, लेकिन प्रवासी भारतीयों के कारण यह विश्वव्यापी भी बन गया है। छठ पूजा धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं, बल्कि जीवन दर्शन, आत्मशुद्धि और सामाजिक सामंजस्य का भी महोत्सव है। इसमें कठोर व्रत, ब्रह्मचर्य, निराहार और संयम के साथ सूर्य और जल की उपासना की जाती है। सूर्यपूजन से पाप नाश, रोग-शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति मानी जाती है।
इस पर्व की बड़ी विशेषता इसकी सादगी, पवित्रता और लोकपक्ष है, जिसमें सामूहिकता, भक्ति और सेवा भाव से समाज का प्रतिनिधित्व होता है। छठ पर्व में श्रद्धालु अपनी जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं, साथ ही समाज में बढ़ रही बुराइयों पर अंकुश लगाने की कामना करते हैं। छठी मैया से जुड़े लोक स्तर पर गहरे विश्वास और आस्था का यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, जैसा कि जमशेदपुर में भी अनुष्ठान बड़े उत्साह से संपन्न हुए हैं। महंत कालकानन्द गिरी ने बताया कि वह छठ मैया से यह प्रार्थना करती हैं कि हर किसी के जीवन में सुख-शांति बनी रहे और समाज की बुराइयों पर रोक लगे।
इस प्रकार छठ महापर्व केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता, लोक आस्था और प्रकृति पूजन का अनूठा संगम हैं, जो लोगों में भाईचारा और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश फैलाता है। यह पर्व सामाजिक सौहार्द और पर्यावरण प्रेम का भी प्रतीक है, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आधुनिक समय में भी इसे बड़े श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है।
