जमशेदपुर : टाटा मोटर्स यूनियन का माहौल एक बार फिर गरमा गया है। टाटा मोटर्स के पूर्व कर्मचारी और समाजसेवी बंटी सिंह ने यूनियन के महामंत्री आरके सिंह के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में बंटी सिंह ने आरोप लगाया कि आरके सिंह के कार्यकाल में मजदूरों की आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया गया और कई लोगों की नौकरियां चली गईं।

विरोध करने वालों की नौकरी गई”—बंटी सिंह का आरोप
बंटी सिंह का कहना है कि जिसने भी मजदूर हित में बोलने का प्रयास करता है, उसे प्रताड़ित किया गया और अंततः नौकरी से हाथ धोना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग पारिवारिक दबाव या मजबूरी में समझौता कर आरके सिंह के साथ चले गए, इसलिए वैसे लोग ही फिलहाल बचे हुए हैं। वीडियो में बंटी सिंह ने आरके सिंह पर जातिगत भेदभाव का आरोप भी लगाया और कहा कि वे इस कथित अन्याय का विरोध जारी रखेंगे।
छह नेता हुए शिकार….
बताया जा रहा है कि आरके सिंह के कार्यकाल में यूनियन और मजदूर हित में आवाज उठा रहे छह प्रमुख नेता कथित तौर पर निशाना बने। इनमें नाम शामिल हैं— पूर्व महामंत्री प्रकाश सिंह, अभय सिंह, हर्षवर्धन सिंह, बंटी सिंह, आकाश दुबे।
आरोपों पर पलटवार, टेल्को थाना पहुंचे आरके सिंह…..
बंटी सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में यूनियन महामंत्री आरके सिंह अपने समर्थकों के साथ टेल्को थाना पहुंचे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरके सिंह ने व्यक्तिगत रूप से एक आवेदन दिया, जबकि उनके समर्थक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से अलग आवेदन सौंपा।.हालांकि, आरके सिंह की ओर से आरोपों पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है।
दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोप से फिलहाल माहौल गरम है और चर्चा का विषय बना हुआ है।
