जमशेदपुर/रांची : जिस राज्य में सरकार कमजोर, दिशाहीन और निष्क्रिय हो जाती है, वहाँ अपराध रोज़मर्रा की सच्चाई बन जाते हैं। आज झारखंड उसी भयावह दौर से गुजर रहा है। हत्या, फिरौती, चोरी, झपटमारी, बाइक चोरी, अपहरण और लूट जैसी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता भय के साये में जीवन जीने को मजबूर है।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं कोल्हान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नीतीश कुशवाहा ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि सरकार आंख मूंदे बैठी है।
उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था पर राजनीतिक दबाव हावी है और अपराधियों को सत्ता का अप्रत्यक्ष संरक्षण मिल रहा है। यही कारण है कि अपराध पर लगाम लगाने में प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। मौजूदा हालात यह साफ दर्शाते हैं कि झारखंड में सुशासन नहीं, बल्कि जंगलराज कायम है।
नीतीश कुशवाहा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा इस जंगलराज, अपराधी संरक्षण और निकम्मे शासन के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा। जनता की जान-माल की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही है सरकार का तथाकथित सुशासन? क्या झारखंड को अपराधियों के लिए सुरक्षित और आम जनता के लिए असुरक्षित बना दिया गया है?
अंत में उन्होंने कहा कि झारखंड को अब खोखले वादों की नहीं, बल्कि मजबूत नेतृत्व, सख्त कानून और जीरो टॉलरेंस प्रशासन की जरूरत है, ताकि राज्य में कानून का राज स्थापित हो सके।
