जमशेदपुर : जमशेदपुर वन प्रमंडल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपए का समुद्री कोरल जब्त किया है. इस मामले में चार तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई साकची थाना अंतर्गत स्थित होटल विराट में शनिवार सुबह की गयी. वन विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी कर समुद्री जीव कोरल की अवैध तस्करी का मामला उजागर किया. वन विभाग के अनुसार, जब्त किए गए कोरल की कीमत लाखों रुपए में आंकी है. समुद्री कोरल का उपयोग मुख्य रूप से कृत्रिम आभूषण और दवाएं बनाने में किया जाता है।
इस कार्रवाई से होटल परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया. टीम ने मौके से चार लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम सिंहभूम जिला के हाट गम्हारिया हरिचरण गोप, रांची के राहे का दीपक कुमार महतो, रांची के मांडर का प्रमोद कैवर्ता और ध्रुवा का अभय कुमार शामिल है. सूत्रों के अनुसार वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि होटल के एक कमरे में कोरल से जुड़े अवैध कारोबार का सौदा होने वाला है. सूचना मिलते ही विभाग की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए होटल में दबिश दी. तलाशी के दौरान कमरे से समुद्री कोरल बरामद किया गया, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित जीवों की श्रेणी में आता है।
कोरल की मात्रा, उसकी प्रजाति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत का आकलन विशेषज्ञों की मदद से किया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कुछ अहम जानकारियां साझा की हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि तस्करी का नेटवर्क व्यापक हो सकता है. टीम अब उनके संपर्कों, सप्लाई चैन और संभावित खरीदारों की पहचान में जुट गयी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ा दिया है. छापेमारी में शामिल अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पूछताछ के बाद आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।
जानें क्या है कोरल….
जमशेदपुर के डीएफओ सब्बा आलम अंसारी ने बताया कि कोरल समुद्र में पाया जाने वाला एक कीमती जीव है और इसकी तस्करी करना वन अधिनियम का उल्लंघन है
