जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना अंतर्गत बागूनहातु इलाके में इन दिनों भूमाफियाओं की सक्रियता ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बस्तीवासियों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की नीयत से खुलेआम पेड़ों की कटाई की जा रही है, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय पुलिस विरोध कर रहे स्थानीय लोगों को ही जेल भेजने की धमकी दे रही है।
पूजा स्थल पर कब्जे की साजिश!……
मामला बागूनहातु बी-ब्लॉक, नामोटोला भारत सेवाश्रम के समीप का है, जहां वर्षों से सैकड़ों परिवार निवास करते हैं। इसी बस्ती में स्थित लगभग 200 फीट का भूखंड बस्तीवासियों द्वारा राइजिंग बॉयज क्लब के माध्यम से पूजा-पाठ और सार्वजनिक आयोजनों के लिए लंबे समय से सुरक्षित रखा गया है।
2023 से भूमाफियाओं की नजर, चारदीवारी कर कब्जे की कोशिश……
बस्तीवासियों का आरोप है कि वर्ष 2023 से ही भूमाफियाओं की नजर इस जमीन पर है। लगातार विरोध के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। बस्ती और क्लब की ओर से सिदगोड़ा थाना, उपायुक्त कार्यालय और अन्य प्रशासनिक विभागों को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
जनवरी महीने में भूमाफियाओं ने जमीन पर चारदीवारी खड़ी कर कब्जे की खुली कोशिश की। इसके बाद क्लब अध्यक्ष विकास हेंब्रम ने बस्तीवासियों के साथ मिलकर थाना, JNAC, डीडीसी, एसडीओ, सीओ, जिला परिषद अध्यक्ष सहित कई अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा, लेकिन नतीजा—शून्य।
पेड़ कटते देख भड़के लोग, पुलिस पर धमकाने का आरोप……
गुरुवार को जब भूमाफियाओं द्वारा भूखंड में पेड़ों की कटाई शुरू की गई, तो बस्तीवासी एकजुट होकर विरोध में उतर आए।।सूचना पर पहुंची सिदगोड़ा पुलिस से लोगों को उम्मीद थी कि अवैध कार्य रुकेगा, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उल्टा बस्तीवासियों को ही डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
आरोप है कि पुलिस ने राइजिंग बॉयज क्लब के अध्यक्ष विकास हेंब्रम को जबरन जीप में बैठाकर ले जाने की कोशिश की, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई और मौके पर जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को पीछे हटना पड़ा और विकास हेंब्रम को छोड़ना पड़ा।
भूमाफियाओं से मिलीभगत का सनसनीखेज आरोप…….
बस्तीवासियों ने पुलिस और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों पर भूमाफियाओं से मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि बस्ती के ही निवासी राजू बागती, पूरी बस्ती के बिहार सरकार की जमीन पर बसे होने के बावजूद, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमाफिया सामू लोहार के साथ मिलकर जमीन की खरीद-बिक्री कर रहा है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस पूरे खेल में थाना से लेकर JNAC तक की मिलीभगत है और इसके बदले मोटी रकम का लेन-देन हुआ है। यही वजह है कि पेड़ कटाई और अवैध कब्जे जैसे खुले अपराध पर भी प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
अतिक्रमण हटाने की घोषणा सिर्फ कागजों में?……
गौरतलब है कि हाल ही में उपायुक्त द्वारा सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष टीम गठन की घोषणा की गई थी, लेकिन बागूनहातु की घटना ने इस घोषणा की हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि या तो टीम को जानबूझकर सूचना नहीं दी गई, या फिर पूरे मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है।
बस्तीवासियों की साफ मांग……
बस्तीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि…..अवैध रूप से काटे गए पेड़ों की उच्चस्तरीय जांच हो, भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए और पुलिस-प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो।
फिलहाल बागूनहातु इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है…..
बस्तीवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन भूमाफियाओं पर कार्रवाई करता है या फिर सवालों के घेरे में खड़ा रहता है।
