रांची : रामगढ़ कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गृह विभाग और उद्योग विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने रामगढ़ पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था और औद्योगिक विवाद से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है।
गृह व उद्योग विभाग पर सवाल
अंबा प्रसाद ने कहा कि गृह मंत्रालय और उद्योग मंत्रालय दोनों राज्य के मुख्यमंत्री के अधीन संचालित होते हैं, ऐसे में प्रशासनिक जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में आईपीएस और आईएएस अधिकारियों की कमी नहीं है, फिर भी गलत तरीके से मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
औद्योगिक विवाद में FIR पर आपत्ति
पूर्व विधायक ने कहा कि औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत जिस प्रकार FIR दर्ज की जा रही है, वह असामान्य है। उनका दावा है कि पूरे औद्योगिक इतिहास में इस तरह की कार्रवाई विरले ही देखने को मिली है।
- पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
- अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि
- राज्य की पुलिस कॉर्पोरेट हित में काम कर रही है
- आम जनता को परेशान किया जा रहा है
- बिना नियम-कानून के कार्रवाई हो रही है
- लगातार लोगों पर FIR दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है
- BNS धारा लगाने पर उठाया सवाल
उन्होंने कहा कि पुलिस ने BNS धारा 134 लगाकर “सरकारी कार्य में बाधा” का आरोप लगाया, जबकि कार्य आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा कराया जा रहा था।ऐसे में यह धारा लगाना उचित नहीं है।
कार्रवाई की मांग
पूर्व विधायक ने सवाल उठाया कि जिन पुलिस अधिकारियों पर आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने रामगढ़ में कुछ पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर भी गंभीर टिप्पणी की।
खनन क्षेत्रों का भी किया जिक्र
अंबा प्रसाद ने कहा कि राज्य के जिन क्षेत्रों में खनन कार्य चल रहा है, वहां भी इसी तरह के विवाद और प्रशासनिक कार्रवाई के मामले सामने आ रहे हैं।
