सिल्ली/मुरी : क्षेत्र में गहराते पेट्रोल संकट के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि सड़कों पर गाड़ियों का आवागमन बेहद कम हो गया है और हर तरफ सन्नाटे जैसी स्थिति बनी हुई है। ईंधन नहीं मिल पाने के कारण स्थानीय यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गई है।



बाजारों पर पड़ा सीधा असर, दुकानें खाली : यातायात ठप होने का सीधा असर अब स्थानीय व्यापार पर भी दिखने लगा है। बाजारों और दुकानों में ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर रह गई है, जिससे दुकानदारों का धंधा भी मंदा पड़ गया है।
5 पेट्रोल पंप होने के बावजूद हाहाकार : स्थानीय लोगों के मुताबिक, सिल्ली और मुरी क्षेत्र को मिलाकर कुल 5 पेट्रोल पंप संचालित हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों को बूंद-बूंद पेट्रोल के लिए भारी मशक्कत और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पेट्रोल के लिए लागू हुआ ‘राशनिंग सिस्टम’ : स्थिति को नियंत्रित करने और सभी तक ईंधन पहुंचाने के लिए अब पेट्रोल वितरण को सीमित (Rationing) कर दिया गया है। नए नियम के तहत:
- मोटर साइकिल (दोपहिया वाहन): अधिकतम 1 लीटर पेट्रोल।
- बड़ी गाड़ियां (चार पहिया वाहन): अधिकतम 4 लीटर पेट्रोल।
प्रशासन और पंप संचालकों का मानना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि स्टॉक खत्म न हो और संकट के इस दौर में सभी को थोड़ा-बहुत पेट्रोल मिल सके। फिलहाल, इस किल्लत से कब तक राहत मिलेगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ब्यूरो रिपोर्ट, [रिंकी कुमारी/लोकतंत्र सवेरा न्यूज़



