लातेहार : PLFI के एक सक्रय उग्रवादी आलोक यादव उर्फ चन्द्रशेखर कुमार यादव ने शुक्रवार को सरेंडर कर दिया। उसने लातेहार एसपी कुमार गौरव के दफ्तर में हथियार, गोली और वर्दी के साथ आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण के दौरान आलोक यादव ने पुलिस के सामने एक देशी बंदूक, चार जिंदा गोलियां और उग्रवादी संगठन की वर्दी सौंपी। वर्दी में कैमोफ्लाज रंग की शर्ट, पैंट, टी-शर्ट और टोपी शामिल हैं। उसके सरेंडर करने के दरम्यान मौके पर पलामू प्रक्षेत्र के आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा, लातेहार एसपी कुमार गौरव, एसएसबी 32 बटालियन और सीआरपीएफ 11 बटालियन के कमांडेंट सहित सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

दस से बारह साल तक उग्रवादी गतिविधियों में रहा शामिल
आलोक यादव बालूमाथ थाना क्षेत्र के भगिया गांव का रहने वाला है। वह करीब दस-बारह सालों से उग्रवादी संगठन में सक्रिय था। पहले उसका संबंध JJMP संगठन से भी रहा है। कई मामलों में गिरफ्तार होकर वह जेल भी जा चुका है। वर्ष 2024 में जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से PLFI संगठन के लिए सक्रिय हो गया और रांची, लातेहार व चतरा जिलों में वारदातों को अंजाम देने में जुटा था। आलोक यादव कई मामलों में वांछित था और फरार रहने के कारण उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
35 मामलों में है आरोपी
आलोक यादव के खिलाफ कुल 35 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें रांची जिले में 19, लातेहार में 10 और चतरा जिले में 6 मामले शामिल हैं। इन मामलों में हत्या, अपहरण, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगी हैं।
पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों ने इसे नक्सल और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। एसपी कुमार गौरव का कहना है कि लगातार दबाव, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सरकार की आत्मसमर्पण नीति के कारण उग्रवादी अब हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। एसपी ने अन्य भटके हुए युवाओं से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर सामान्य जीवन की ओर लौटें।
