मुरी : पुजा पाठ, धार्मिक जुलूस, ईद, सरहुल त्योहार घुमधाम से मने, इसके लिए शांति समिति की बैठक बुलायी जाती है। अच्छा कदम होता है। लोग प्रशासन की प्रशंसा करते हैं। तो क्या बालु की कलाबजारी रोकने, देशी शराब भटटी बंद करने, कोयला की तस्करी आदि मुख्य रूप से गैर कानूनी काम को प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार आम जनता के साथ बैठक करेगी। शायद ऐसा नहीं होगा। बालु की उगाही में अच्छा खासा रकम आता है। शराब भटटी एवं कोयला से भी। लक्ष्मी आने का कोई समझौता ठीक नहीं है। सोनाहातु के कांची नदी, सिल्ली के राढु नदी से संगठित रूप से बालु की कलाबजारी धडडले से चल रहा है। स्वर्ण रेखा नदी के कई धाटो से बालु की चोरी चल रही है। प्रशासन इन पर रोक लगाए, अपने आप शांति आ जाएगी।
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रिपोर्ट: रिंकी कुमारी