बोकारो : खोदा पहाड़, निकली चुहिया ! हंगामा इस कदर मचा कि पूरे झारखंड में 02 से 03 तीन तक इससे बड़ी कोई खबर नहीं थी। पुलिस को भी जबरदस्त टेंशन था, तभी तो लापता मुखिया की खोजने में एसआईटी का गठन बोकारो पुलिस कप्तान ने कर दिया। अब जब मामला खुला तो यह कहावत चरितार्थ हुआ कि ” खोदा पहाड़ , निकली चुहिया।”

















































02 अक्टूबर से लापता मुखिया को बोकारो पुलिस ने 05 अक्टूबर को रांची में रातू थाना क्षेत्र से खोज निकाला था। कोर्ट में 25 वर्षीय, एक बच्चे की मां मुखिया सपना कुमारी ने कहा कि पारिवारिक तनाव के कारण वह रांची में अपने एक दोस्त के पास चली गई थी। डीएसपी, बेरमो वी.एन. सिंह ने कोर्ट के बयान की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को भी सपना ने यही बयान दिया है और परिवार या किसी अन्य के खिलाफ कोई भी शिकायत नहीं की है।
श्री सिंह ने कहा कि मुखिया सपना कुमारी अपने क्षेत्र में काफी पॉपुलर हैं और वे जब अचानक गायब हो गई तो मामला बड़ा बन गया। इस कारण एसपी हरविंदर सिंह ने तुरंत मामले के अनुसंधान के लिए एसआईटी का गठन किया और पुलिस ने 05 अक्टूबर को सपना को रांची के रातू थाना क्षेत्र से खोज निकला। उसके बाद उन्हें कोर्ट में हाजिर किया, जहां उन्होंने अपना बयान दर्ज करवाया। अब वे अपने ससुराल में हैं।
बोकारो के गोमिया प्रखंड के पलिहारी, गुरुडीह की मुखिया सपना कुमारी 02 अक्टूबर को अचानक लापता हो गई। परिवार और पति परेशान तथा पुलिस अलग टेंशन में थी। पति आशीष ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। इस बीच समाचार और अपने रील के कारण सपना जबरदस्त वायरल हो गई।
बेरमो अनुमंडल के गोमिया प्रखंड के इस मुखिया सपना ने अपने लापता होने के पीछे जो कारण कोर्ट और पुलिस को बताया है, उस पर विश्वास करने के अतिरिक्त हम सबों के पास विकल्प भी क्या है लेकिन एक सवाल का जवाब नहीं मिला कि जब राज्य में उनको लेकर इतना हंगामा मचा था तो उन्होंने एक फोन कर पुलिस, परिवार या अपने पंचायत सचिव/ कर्मचारी किसी को भी सूचित क्यों नहीं किया ? आखिर पुलिस के द्वारा खोजे जाने के बाद ही वे अपने घर क्यों वापस लौटी ? आपको बता दें कि हजारीबाग जिले की केरेडारी की बेटी हैं सपना। इनके पिता भी केरेडारी प्रखंड क्षेत्र के कंडाबेर पंचायत के मुखिया हैं।





