रांची : झारखंड में बंगला भाषा, शिक्षा एवं सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा को लेकर झारखंड बांग्ला-भाषी उन्नयन समिति ने राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है। इस संबंध में रविवार को रांची स्थित रॉयल सियन होटल में आयोजित समिति की राज्यस्तरीय बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे बंग समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में भाषा संरक्षण, शिक्षा और सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

बैठक में बंगला भाषा की शिक्षा को संरक्षित रखने, झारखंड में बांग्ला अकादमी की स्थापना, उच्च शिक्षण संस्थानों में बंगला विभागों को बंद किए जाने के प्रस्ताव का विरोध तथा बंगला को प्राप्त द्वितीय राजभाषा के दर्जे का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड में व्यापक रूप से बोली जाने वाली बंगला भाषा के अस्तित्व और उसकी शिक्षा व्यवस्था पर लगातार प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वर्षों से सरकार के समक्ष विभिन्न माध्यमों से मांगें और ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर चिंता व्यक्त की गई। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन मांगों को लेकर जल्द ही पूरे राज्य में व्यापक जनजागरण अभियान और लोकतांत्रिक तरीके से राज्यव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।
बैठक के दौरान झारखंड बांग्ला-भाषी उन्नयन समिति की नई राज्य कमेटी का भी गठन किया गया।
राज्य कमेटी इस प्रकार है—
पैट्रन: सिद्धार्थ घोष (रांची), देवज्योति पाल (पश्चिम सिंहभूम), मनोज सरकार (पूर्वी सिंहभूम), सुकुमार बोस (पूर्वी सिंहभूम)
चेयरमैन: अरूप चटर्जी (धनबाद)
वाइस चेयरमैन: डॉ. दुर्गादास भंडारी (जामताड़ा), विश्वनाथ राय (पूर्वी सिंहभूम)
अध्यक्ष: अचिन्त्यम गुप्ता (पूर्वी सिंहभूम)
कार्यकारी अध्यक्ष: रीना मंडल (धनबाद)
उपाध्यक्ष: नीरज नाग (दुमका), बिपुल गुप्ता (कोडरमा), दिलजॉय बोस (पूर्वी सिंहभूम), सेतंका सेन (रांची), साधुचरण पाल (घाटशिला), जगतज्योति रॉय (रांची), देबू बनर्जी (पश्चिमी सिंहभूम), सौविक भट्टाचार्य (हजारीबाग), डॉ. एन.सी. गांधी (देवघर), पंकज तांती (गिरिडीह)
संपादक: राजेश राय (पूर्वी सिंहभूम)
संयुक्त संपादक: तापस चटर्जी (पूर्वी सिंहभूम), काबू दत्ता (पश्चिमी सिंहभूम)
सहायक संपादक: शिल्पी सरकार (पूर्वी सिंहभूम), सजल बनर्जी (रांची), सुशीत बरन चक्रवर्ती (दुमका), सुब्रत घोष, सनातन पाल (देवघर), अतनु बोस, कंचन कुमार मंडल
कोषाध्यक्ष: बिश्वनाथ घोष
कार्यकारिणी सदस्य: साधना पाल (घाटशिला), चंडी चरण साव (बहरागोड़ा), नीलू दत्ता (घाटशिला), जाहर रक्षित (जमशेदपुर), असित चक्रवर्ती (जमशेदपुर), प्रशस्ति साहा (धनबाद), बिजय दत्ता, बनमाली बनर्जी (बाराम), सुबोध गोराई (जमशेदपुर). बैठक के अंत में समिति के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि बंगला भाषा, शिक्षा एवं सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरे झारखंड में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष समुदाय की मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।
