रांची। झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने आंदोलन का ऐलान किया है। संघ के अनुसार, 15 अक्टूबर की रात 8 बजे से 17 अक्टूबर की सुबह 8 बजे तक 108 एंबुलेंस सेवा बाधित रहेगी। वहीं, 16 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर 21 अक्टूबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री से बैठक नहीं होने पर कर्मचारियों में नाराजगी
भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सह रांची जिला अध्यक्ष सूरज साहू ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से बैठक का समय मांगा गया था, लेकिन अब तक बैठक नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि संघ बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहता है, लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से ठोस पहल नहीं होने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
सूरज साहू के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में समस्याओं के समाधान के लिए 15 से 20 दिनों का समय दिया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस सेवा के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश देना कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं है। संघ चाहता है कि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय लिया जाए।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं।
- जिला स्तर पर संचालन: 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से कराया जाए।
- बर्खास्त कर्मियों की बहाली: सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखा जाए।
- बकाया वेतन का भुगतान: कर्मचारियों के लंबित वेतन का जल्द भुगतान किया जाए।
- श्रमिक अधिकार: सभी कर्मचारियों को श्रम कानूनों के तहत निर्धारित वैधानिक अधिकार और सुविधाएं दी जाएं।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
संघ ने अपने आंदोलन की सूचना सम्मान फाउंडेशन कंपनी और स्वास्थ्य विभाग को दे दी है। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द से जल्द उनकी मांगों पर निर्णय लेने की अपील की है। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें लागू किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 21 अक्टूबर 2026 से राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी
108 एंबुलेंस सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में सेवा बाधित होने और अनिश्चितकालीन हड़ताल की आशंका से मरीजों तथा उनके परिजनों की परेशानी बढ़ सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने कर्मचारियों की मांगों पर समाधान निकालने के साथ-साथ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने की चुनौती होगी।
लोकतंत्र सवेरा | रांची, झारखंड
