रांची : केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के सहायक महानिरीक्षक श्री शक्तिपाल सिंह शेखावत ने 13 अप्रैल 2026 को पूर्वी खण्ड मुख्यालय, राँची में अपना सफलतापूर्वक दो वर्षों का कार्यकाल पूर्ण कर उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र मुख्यालय, गुवाहाटी के लिए स्थानांतरण पर प्रस्थान किया। उनकी विदाई के साथ ही पूर्वी खण्ड मुख्यालय में एक ऐसा शून्य स्थान उत्पन्न हो गया है, जिसकी भरपाई भविष्य में आसान नहीं होगी।


मार्च 2024 में डीएसपी दुर्गापुर इकाई से राँची मुख्यालय में ज्वाइन करने वाले श्री शेखावत ने अपने कार्यकाल के दौरान जिस समर्पण, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शिता का परिचय दिया, उसने न केवल केऔसुब बल्कि पूरे पूर्वी खण्ड मुख्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
अपने दो वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं। सीएमपी-एनटीपीसी, हजारीबाग तथा बीटीपीपी, बक्सर में केऔसुब की नियमित तैनाती सुनिश्चित कर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया। साथ ही, केऔसुब की 14वीं बटालियन की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सफलता अर्जित की।
उनके कुशल नेतृत्व में वर्ष 2024 में पूर्वी खण्ड मुख्यालय में कोल सेक्टर कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन हुआ, वहीं मार्च 2025 में छठे एमएचए राष्ट्रीय पुलिस के 9वें सेमिनार का आयोजन भी अत्यंत प्रभावी और सराहनीय रहा। इसके अतिरिक्त, दिसंबर 2025 में बीसीसीएल, धनबाद इकाई में कोल सेक्टर फंक्शनल वर्कशॉप का आयोजन कर उन्होंने कार्यकुशलता और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
श्री शेखावत ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), विधान सभा एवं झारखण्ड उच्च न्यायालय के साथ मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैचों का आयोजन कर विभिन्न संस्थानों के बीच संबंधों को और अधिक मधुर एवं सुदृढ़ बनाया। यह उनके व्यक्तित्व की सरलता और समन्वयकारी सोच का प्रतीक है।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें चार महानिरीक्षकों द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जो उनके कार्य के प्रति समर्पण और उत्कृष्टता का प्रमाण है। बश्री शक्तिपाल सिंह शेखावत की विदाई केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक ऐसे अधिकारी को अलविदा कहना है, जिन्होंने अपने कर्म, व्यवहार और नेतृत्व से हर दिल में अपनी एक अलग पहचान बनाई। पूर्वी खण्ड मुख्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उनके योगदान को हमेशा याद रखेंगे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
