जल, जंगल, जमीन की रक्षा एवं किसान मजदूरों के संघर्ष के अथक योद्धा थे कामरेड घनश्याम सिंह मुंडा : सुफल महतो
रांची : माकपा जिला कमिटी सदस्य सह किसान नेता कॉमरेड घनश्याम सिंह मुंडा 85 वर्ष के निधन की सूचना से शोक की लहर फैल गया। माकपा एवं किसान सभा ने दिया श्रद्धांजलि। माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य एवं झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो उनके दाहसंस्कार में भाग लेते हुए कहा कामरेड घनश्याम सिंह मुंडा के निधन से पार्टी एवं किसान सभा के लिए अपूर्णीय क्षति है, जल जंगल जमीन की रक्षा एवं किसान मजदूरों के संघर्ष के अथक योद्धा थे। किसान आंदोलन के दौरान उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा, माकपा ने विधानसभा उपचुनाव से उमीदवार बनाया था, तकनीकि कारण से नॉमिनेस रद्द हो गया था।
जीवन पर्यंत वे शोषण, ज़ुल्म, अत्याचार के खिलाफ किसान मजदूरों के लिए संघर्ष करते रहे। आम लोगों के लिए शिक्षा , स्वास्थ्य के प्रबल हिमायती थे तथा अंध विश्वास, कुरीतियों, के खिलाफ हमेशा आवाज उठाते थे। उनके पीछे पत्नि सरोजनी मुंडा, बेटा कन्हाई मुंड, क्रांति सिंह मुंडा, बेटी कविता देवी, मुक्ता देवी के प्रति संवेदना प्रकट किए।इस अवसर पर सुषेण कोइरी, शिवनाथ मुंडा, मगन साय मुंडा, शिवचरण मुंडा, लक्ष्मीनारायण मुंडा, क्रांति सिंह मुंडा, कन्हाई मुंडा, धीरेन कोइरी, दिनेश मुंडा, ललित मुंडा, रामेश्वर मुंडा, सतेंद्र मुंडा, कार्तिक मुंडा, नित्या नंद मुंडा, धीरेन करमाली, जगदीश मनकी, ओकिल मनकी, महेश मुंडा, शकर मुंडा, मंगल मुंडा, दिलेश्वर मुंडा, बिरसा मुंड, गुरुचन मुंडा, सहित काफी लोग उपस्थित थे।
