रांची : राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित निवारणपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में बड़ा मोड़ आ गया है। मामले में अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े संभावित तार सामने आने के बाद झारखंड एटीएस ने चुटिया थाना कांड संख्या 85/26 को अपने हाथ में ले लिया है। जांच की कमान संभालते ही एटीएस ने मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

सोमवार को एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने घटना के समय आरएसएस कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आसपास के चश्मदीदों से पूछताछ की। साथ ही आरोपियों के आने-जाने और भागने के संभावित मार्गों का सत्यापन किया जा रहा है। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी एटीएस ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी—सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान—लोहरदगा जिले के रहने वाले हैं। इनमें अमन अंसारी का विदेशी कनेक्शन सामने आया है। एटीएस ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया है। जांच में पता चला है कि वह दुबई में एसी तकनीशियन के रूप में काम करता था, जहां कथित तौर पर उसका संपर्क संदिग्ध तत्वों से हुआ।
एटीएस को आशंका है कि दुबई में रहकर अमन का ब्रेनवॉश किया गया और उसे भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्रेरित किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि हमले के बाद घटना का वीडियो कथित तौर पर दुबई में मौजूद एक संदिग्ध व्यक्ति को भेजा गया था। इसी आधार पर एजेंसी दुबई, मुंबई और पंजाब तक फैले संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एटीएस कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनके संपर्क आरोपियों से होने की बात सामने आई है। तकनीकी टीम आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। फेसबुक, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर हुई बातचीत और संपर्कों का विश्लेषण किया जा रहा है।
एटीएस जल्द ही आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उनसे और पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की पहचान की जा सके। फिलहाल जांच एजेंसियां मामले के हर पहलू की गहनता से पड़ताल कर रही हैं और आधिकारिक रूप से किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

