रांची : राज्य में कथित शराब घोटाले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस मामले में अब झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। शराब घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है।
Advertisements

Advertisements
मुख्य बिंदु:
- PIL दाखिल: झारखंड में हुए कथित शराब घोटाले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें मामले की गहन न्यायिक जांच की मांग की गई है।
- बाबूलाल मरांडी की मांग: राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराए जाने की पुरजोर मांग की है।
- आरोप: बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शराब कारोबार में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि राज्य की एजेंसियां इस मामले की निष्पक्ष जांच करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए CBI जांच अनिवार्य है।
- राजनीतिक प्रतिक्रिया: इस मामले के सामने आने के बाद राज्य में पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहां विपक्षी दल सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि यह केवल राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित आरोप हैं। हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद अब सबकी नजरें कोर्ट की अगली सुनवाई और इस पर आने वाले निर्देशों पर टिकी हैं।
Advertisements

