रांची : झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक नया राजनीतिक फॉर्मूला सुझाते हुए कहा है कि वे भाजपा और कांग्रेस के समर्थन के बिना भी सरकार चला सकते हैं।एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान सरयू राय ने दावा किया कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में 41 विधायकों का समर्थन जुटाकर सरकार बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के 34 विधायक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 4 विधायक, वामदलों के 2 विधायक और जदयू के एक विधायक को मिलाकर कुल 41 विधायकों का समर्थन प्राप्त किया जा सकता है।सरयू राय ने कहा कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो इस गणित के आधार पर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों से अलग रहकर भी सरकार का संचालन संभव है।

हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस दिशा में कोई औपचारिक राजनीतिक पहल हुई है या नहीं।गौरतलब है कि सरयू राय झारखंड की राजनीति के वरिष्ठ और मुखर नेताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को जमशेदपुर पूर्वी सीट से हराकर राज्य की राजनीति में बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था। उनके इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झामुमो या अन्य सहयोगी दलों की ओर से सरयू राय के इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरयू राय का यह बयान आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा को और तेज कर सकता है।
