जयपुर/बाघमुण्डी (पुरुलिया): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान से ठीक पहले जंगल महल क्षेत्र का सियासी पारा चरम पर है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष टाइगर जयराम महतो और केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने रविवार को जयपुर और बाघमुण्डी विधानसभा क्षेत्रों में तूफानी दौरा कर चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए ‘कैंची’ पर मांग रहे वोट

















जनसभा को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने कहा कि जयपुर और बाघमुण्डी की जनता पिछले कई दशकों से उपेक्षा का शिकार रही है। उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा, “यह चुनाव केवल एक प्रतिनिधि चुनने का नहीं, बल्कि आपके बच्चों के भविष्य, बेहतर शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के हक का फैसला है।” जयराम महतो ने जयपुर से दिव्यज्योति सिंह देव और बाघमुण्डी से मनोज कुमार महतो को ‘कैंची’ छाप पर वोट देकर विजयी बनाने का आह्वान किया।
TMC के ‘जंगल राज’ और BJP के ‘डर राज’ पर प्रहार
वहीं, पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता पिछले कई वर्षों से तृणमूल कांग्रेस के ‘जंगल राज’ और भाजपा के ‘डर राज’ के बीच पिस रही है।
देवेन्द्र नाथ ने कहा, “जंगल महल का गरीब, किसान और मजदूर अब और नहीं झुकेगा। इस बार वोट डर से नहीं, बल्कि निडरता से अपने अधिकारों के लिए पड़ेगा। जयपुर और बाघमुण्डी की जनता इन दोनों दलों को एक साथ अलविदा कहने के लिए तैयार बैठी है।”
चुनावी माहौल और हलचल
प्रचार के अंतिम दौर में JLKM के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय मुद्दों, विशेषकर विस्थापन, रोजगार और क्षेत्रीय पहचान को लेकर जयराम महतो की पकड़ युवाओं और ग्रामीणों में बढ़ती दिख रही है। अब सभी की निगाहें 23 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहाँ ‘कैंची’ छाप इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में बड़े उलटफेर के संकेत दे रही है।
रिपोर्ट : रिंकी कुमारी
