नई दिल्ली : गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को देश से पूरी तरह खत्म करने के लिए मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की थी। अब इस डेडलाइन को करीब आता देख माओवादियों ने सरकार से एक गुजारिश की है। दरअसल हाल ही में प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) स्पेशल जोनल कमिटी से जुड़े माओवादी नेताओं ने केंद्र और तीनों राज्य सरकारों को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में माओवादियों ने आत्मसमर्पण के लिए 15 फरवरी 2026 तक का समय मांगा है। पत्र में अस्थायी तौर पर हथियार छोड़कर शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण करने की बात कही गई है।



चिट्ठी में और क्या?
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह पत्र 22 नवंबर को जारी किया गया था। इसे कमिटी के प्रवक्ता अनंत ने लिखा है और माना जा रहा है कि इसे पार्टी की सेंट्रल कमिटी का भी समर्थन मिला है। अनंत ने इस पत्र में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील की है कि वे अपने राज्यों में चल रहे ऑपरेशन रोक दें, ताकि माओवादी बिना डर के सरेंडर कर सकें। पत्र में कहा गया है कि माओवादी संगठन डेमोक्रेटिक सेंट्रलिज़्म के सिद्धांत पर काम करता है, इसलिए सामूहिक सहमति बनाने में समय लगेगा लग सकता है।
हथियार डालने को तैयार, लेकिन समय चाहिए
अनंत के मुताबिक, माओवादी हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास योजना अपनाने को तैयार है, लेकिन उन्हें 15 फरवरी 2026 तक का समय चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि यह तारीख अमित शाह की नक्सलवाद खत्म करने की तय डेडलाइन 31 मार्च 2026 से पहले की है। इसलिए तीनों राज्यों से कुछ महीनों का संयम बरतने की अपील की गई है।
रेडियो से नक्सलियों तक बात पहुंचाने की अपील
अनंत ने कहा कि जंगलों में रहने वाले माओवादी साथी ऑल इंडिया रेडियो के जरिए ही जानकारी पाते हैं, इसलिए सरकार हमारे फैसले को रेडियो पर प्रसारित करे। इससे सभी माओवादी कैडर तक सही संदेश पहुंच सकेगा।
