नई दिल्ली : अगर आप बीयर, व्हिस्की, रम या ब्रांडी का सेवन करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शराब बनाने वाली नामी कंपनियों के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया है। FSSAI ने कई शराब निर्माताओं को ‘कारण बताओ’ (Show-cause) नोटिस जारी किया है।

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में FSSAI की जांच में पाया गया कि कई शराब कंपनियां अपने उत्पादों की लेबलिंग और सामग्री को लेकर नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। नियामक ने इन कंपनियों पर मुख्य रूप से दो बड़े आरोप लगाए हैं:
1. मिलावटी फ्लेवर का खेल:
FSSAI के अनुसार, कई कंपनियां रम, ब्रांडी, जिन, व्हिस्की, वाइन और बीयर में ऐसे ‘आर्टिफिशियल फ्लेवर’ (कृत्रिम स्वाद) मिला रही हैं जो प्राकृतिक स्वाद की नकल करते हैं। नियमों के मुताबिक, इन ड्रिंक्स को अपना असली और प्राकृतिक फ्लेवर ही रखना चाहिए। बाहर से फ्लेवर मिलाना मानकों का सरासर उल्लंघन है।
2. उम्र (Age) को लेकर गुमराह करने वाले दावे:
शराब की बोतलों पर ‘एज्ड’ (Aged) या उम्र से जुड़े जो दावे किए जाते हैं, वे अक्सर ग्राहकों को भ्रमित करते हैं। FSSAI के नियम 1.3.7 के तहत, यदि बोतल पर कोई ‘उम्र’ लिखी है, तो उसका मतलब उस ब्लेंड में मौजूद सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट से होना चाहिए। कंपनियां इसका पालन नहीं कर रही थीं।
कंपनियों पर गिरेगी गाज?
FSSAI ने इन कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत नियमों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्यों न खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
आम जनता के लिए संदेश
यह कदम शराब की गुणवत्ता और पारदर्शिता को सुधारने के लिए उठाया गया है। जानकारों का कहना है कि कंपनियां अक्सर लंबे समय तक ‘एजिंग’ की प्रक्रिया से बचने के लिए शॉर्टकट अपनाती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को वह उत्पाद नहीं मिल पाता जिसका वे पैसा दे रहे हैं।

